30 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर बासुकीनाथ धाम में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। हर वर्ष सावन के दौरान लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहा है।
एसडीएम ने मेला क्षेत्र का किया निरीक्षण
दुमका के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) कौशल कुमार ने बासुकीनाथ मेला क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंदिर के आसपास मुख्य मार्ग पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया। सड़क किनारे अनधिकृत रूप से दुकान लगाने वाले कुछ दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना भी लगाया गया और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी गई।
प्रशासन का कहना है कि मुख्य सड़क को अवरोध मुक्त रखने से श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम होगी और भीड़ प्रबंधन में भी आसानी रहेगी।
खाद्य दुकानों की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान फूड सेफ्टी टीम ने नाश्ता दुकानों, भोजनालयों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
एसडीएम ने बताया कि श्रावणी मेले के लिए खाद्य सामग्री की निर्धारित दरें तय की गई हैं। सभी दुकानदारों को इन्हीं दरों पर उचित वजन के साथ सामान बेचने के निर्देश दिए गए हैं।
मिलावट मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या निर्धारित नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में सामान जब्त करने के साथ दुकान को सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
उपायुक्त ने भी तैयारियों की समीक्षा की
दुमका के उपायुक्त अभिजीत कुमार सिन्हा ने भी बासुकीनाथ राजकीय श्रावणी मेला की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने टेंट व्यवस्था, सिटी बस पड़ाव, श्रद्धालुओं की कतार प्रणाली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी टेंटों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि रात के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा प्रतिदिन बेडशीट बदलने, नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने पेयजल की निर्बाध उपलब्धता, मोबाइल चार्जिंग की सुविधा, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और सभी शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का लक्ष्य पूरे मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
प्रशासन अलर्ट मोड में
श्रावणी मेला शुरू होने से पहले जिला प्रशासन सभी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिससे लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा बासुकीनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर सकें।
