नई दिल्ली: होटल और रेस्टोरेंट में भोजन करने वाले ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देशभर के 41 रेस्टोरेंटों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इन प्रतिष्ठानों पर आरोप है कि वे ग्राहकों की अनुमति लिए बिना भोजन के बिल में अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज जोड़कर वसूली कर रहे थे।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, यह कदम नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर उठाया गया। जांच में पाया गया कि कुछ रेस्टोरेंट उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए अनुचित व्यापारिक व्यवहार अपना रहे थे।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी सख्ती
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के 28 मार्च 2025 के फैसले के बाद नियमों के पालन को लेकर निगरानी और सख्त कर दी गई है। अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया था कि ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज वसूलना वैधानिक रूप से उचित नहीं है। इसके बाद CCPA को नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार मिला।
कई प्रमुख रेस्टोरेंट भी कार्रवाई के दायरे में
कार्रवाई के तहत मशहूर टी-चेन चायोस (Sunshine Teahouse Pvt. Ltd.) पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कंपनी को संबंधित उपभोक्ता से लिया गया सर्विस चार्ज लौटाने और अपने सभी आउटलेट्स के बिलिंग सिस्टम में आवश्यक बदलाव करने का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में बिल में स्वतः सर्विस चार्ज न जुड़ सके।
इसके अलावा कैफे ब्लू बॉटल (पटना), चाइना गेट रेस्टोरेंट, फिएस्टा बारबेक्यू नेशन, फू अहमदाबाद और एल’ओपेरा सहित कई अन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी आदेश जारी किए गए हैं।
ग्राहकों के अधिकार क्या हैं?
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार:
- किसी भी रेस्टोरेंट को ग्राहक की सहमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ने का अधिकार नहीं है।
- सर्विस चार्ज किसी अन्य नाम से भी अनिवार्य रूप से नहीं वसूला जा सकता।
- यदि ग्राहक सर्विस चार्ज देने से इनकार करता है, तो उसे सेवा देने या प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता।
- जबरन वसूले गए सर्विस चार्ज पर जीएसटी लगाना भी नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
शिकायत कैसे करें?
यदि किसी रेस्टोरेंट द्वारा बिना अनुमति सर्विस चार्ज वसूला जाता है, तो ग्राहक पहले उसे हटाने का अनुरोध कर सकते हैं। यदि शिकायत का समाधान नहीं होता, तो नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1915 पर संपर्क कर या उसके ऑनलाइन पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।


