Thursday, July 16, 2026

Gold-Silver Price Today: सोना और चांदी हुए सस्ते, जानें 16 जुलाई 2026 के ताजा भाव और गिरावट की वजह.

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नई दिल्ली: गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और घरेलू स्तर पर निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आए। ऐसे में आभूषण खरीदने या निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए यह दिन अहम माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव

वैश्विक कमोडिटी बाजार में कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते सोना करीब 0.43 प्रतिशत फिसलकर 4,034.40 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह चांदी भी 0.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ लगभग 57.235 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।

घरेलू बाजार में सोने का भाव

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹680 प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई। इसके बाद औसत भाव घटकर ₹1,41,800 प्रति 10 ग्राम रह गया। हालांकि, विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय कर एवं अन्य शुल्कों के कारण खुदरा कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

चांदी की कीमत में भी आई गिरावट

चांदी के दामों में भी आज नरमी बनी रही। बाजार में प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत लगभग ₹1,320 घटकर ₹2,18,690 के आसपास पहुंच गई। विभिन्न शहरों में खुदरा दरें करीब ₹2,18,690 से ₹2,19,800 प्रति किलोग्राम के बीच दर्ज की गईं। दक्षिण भारत के कुछ शहरों में स्थानीय मांग के चलते कीमतें अन्य क्षेत्रों की तुलना में थोड़ी अधिक बनी हुई हैं।

कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सर्राफा बाजार में आई कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

  • अमेरिकी डॉलर की मजबूती से सोने की मांग पर दबाव बढ़ा।
  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भी निवेशकों की धारणा पर पड़ा।
  • दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के आधार पर सोने-चांदी की कीमतों में आगे भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

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