Thursday, July 16, 2026

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों पर तेज हुई सियासत, भाजपा और झामुमो आमने-सामने.

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं। लगभग सभी प्रमुख विभागों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया। कई मामलों में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ कार्यप्रणाली में सुधार की भी हिदायत दी गई।

मुख्यमंत्री की इन बैठकों को लेकर राज्य की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि समीक्षा बैठकों का उद्देश्य केवल सकारात्मक छवि प्रस्तुत करना है, जबकि जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार की उपलब्धियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में खनन क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की समीक्षा बैठकों और वास्तविक प्रदर्शन के बीच बड़ा अंतर है।

वहीं, भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा कि सरकार जनता के जनादेश के आधार पर काम कर रही है और उसका लक्ष्य राज्यवासियों के हित में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। पार्टी का कहना है कि विभागीय समीक्षा का उद्देश्य प्रशासनिक कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

झामुमो के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि समीक्षा बैठकों के माध्यम से विभागों के प्रदर्शन का आकलन किया जा रहा है ताकि लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप शासन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने दावा किया कि सरकार का पूरा ध्यान विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित है। साथ ही उन्होंने भाजपा की आलोचनाओं को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए खारिज किया।

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