देश की प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियों में शामिल SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ मंगलवार से आम निवेशकों के लिए खुल गया है। बाजार में इस इश्यू को लेकर निवेशकों में काफी रुचि देखने को मिल रही है। आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से करीब ₹2,663 करोड़ की राशि जुटाई है।
कंपनी ने एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि एंकर निवेशकों को ₹574 प्रति शेयर के ऊपरी प्राइस बैंड पर 4.63 करोड़ से अधिक शेयर आवंटित किए गए हैं। इस प्रक्रिया में करीब 129 संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया।
कई बड़े निवेशकों ने जताया भरोसा
SBI फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ में देश और विदेश के कई बड़े संस्थागत निवेशकों ने निवेश किया है। विदेशी निवेशकों में सिंगापुर सरकार की निवेश संस्था GIC, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स जैसे नाम शामिल हैं।
भारतीय निवेशकों में LIC, HDFC म्यूचुअल फंड और ICICI प्रूडेंशियल जैसे बड़े संस्थानों ने भी भागीदारी की है। जानकारी के मुताबिक HDFC म्यूचुअल फंड और ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड को लगभग ₹200-200 करोड़ मूल्य के शेयर आवंटित किए गए हैं।
IPO से जुड़ी प्रमुख जानकारी
- खुलने की तारीख: 14 जुलाई
- बंद होने की तारीख: 16 जुलाई
- प्राइस बैंड: ₹545 से ₹574 प्रति शेयर
- न्यूनतम बोली: 26 शेयर
- न्यूनतम निवेश: ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से लगभग ₹14,924
OFS के जरिए हो रही हिस्सेदारी बिक्री
यह आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत जारी किया जा रहा है। यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
इस इश्यू के जरिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपनी करीब 6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रहा है, जबकि कंपनी की विदेशी साझेदार अमुंडी लगभग 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी कम करेगी।
कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति
आईपीओ के बाद SBI फंड्स मैनेजमेंट का अनुमानित मूल्यांकन करीब ₹1.2 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। वर्ष 1987 में शुरू हुई यह कंपनी वर्तमान में लगभग ₹12.51 लाख करोड़ की म्यूचुअल फंड संपत्तियों का प्रबंधन कर रही है। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी करीब 15.3 प्रतिशत है, जिससे यह देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है।


