नई दिल्ली: देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU Banks) अपने एटीएम नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहे हैं। इसके तहत करीब 15,000 पुराने एटीएम को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह नई कैश रिसाइक्लर मशीन (CRM) लगाने की तैयारी की जा रही है। इस बदलाव का उद्देश्य ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं देना, नकदी प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया सहित कई सरकारी बैंक इस परियोजना के लिए बड़े स्तर पर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। नई मशीनों के जरिए बैंक नकदी संचालन की लागत कम करने के साथ-साथ ग्राहकों को अधिक सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना चाहते हैं।
ATM नहीं, 24×7 बैंकिंग सेवा केंद्र
नई कैश रिसाइक्लर मशीनें केवल नकद निकासी तक सीमित नहीं रहेंगी। इनका उपयोग पैसे जमा करने, बैलेंस की जानकारी लेने और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए भी किया जा सकेगा। इन्हें नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नेटवर्क के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे लेनदेन अधिक तेज और सुरक्षित हो सके।
नई मशीनों में मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं
कैश जमा और निकासी एक ही मशीन से:
ग्राहक नकद जमा करने के साथ उसी मशीन से पैसे निकाल भी सकेंगे। मशीन में जमा की गई नकदी को दोबारा निकासी के लिए उपयोग किया जा सकेगा, जिससे एटीएम में नकदी खत्म होने की समस्या कम होने की संभावना है।
कार्ड के बिना कैश निकासी:
यदि डेबिट कार्ड साथ नहीं है, तब भी ग्राहक UPI आधारित सुविधा के जरिए एटीएम स्क्रीन पर दिखने वाले QR कोड को स्कैन कर नकद निकाल सकेंगे। यह सुविधा Google Pay, PhonePe और अन्य समर्थित UPI ऐप्स के माध्यम से उपलब्ध होगी।
बेहतर सुरक्षा व्यवस्था:
नई मशीनों में उन्नत सुरक्षा तकनीक और आधुनिक सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी और अनधिकृत लेनदेन के जोखिम को कम किया जा सके।
एक मशीन, कई बैंकिंग सेवाएं:
नकद निकासी और जमा के अलावा बैलेंस पूछताछ, मिनी स्टेटमेंट और कुछ अन्य बैंकिंग सुविधाएं भी इन मशीनों के जरिए उपलब्ध होंगी।
तेज ट्रांजैक्शन:
नई तकनीक के कारण लेनदेन पहले की तुलना में अधिक तेजी से पूरा होगा, जिससे ग्राहकों का समय बचेगा और भीड़ कम करने में भी मदद मिल सकती है।
किन लोगों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव का सबसे अधिक फायदा ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों के ग्राहकों को होगा, जहां बैंक शाखाओं की संख्या सीमित है। छोटे कारोबारियों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि वे नकदी जमा करने के लिए हर बार बैंक शाखा जाने की बजाय नजदीकी CRM का इस्तेमाल कर सकेंगे।
इसके अलावा, नियमित रूप से नकद लेनदेन करने वाले ग्राहकों और डिजिटल बैंकिंग के साथ पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने वाले लोगों को भी इस नई व्यवस्था से अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।


