नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड ‘ऑस्ट्रेलियाई सुपर’ (AustralianSuper) ने भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग ₹2,800 करोड़ से अधिक) के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बड़े निवेश का स्वागत करते हुए इसे भारत की आर्थिक विकास नीति और सुधारों पर वैश्विक भरोसे का प्रतीक बताया है.
वैश्विक मंच पर घोषणा
यह रणनीतिक घोषणा मेलबर्न में आयोजित ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेता शिखर सम्मेलन’ के इतर की गई. इस अवसर पर ऑस्ट्रेलियाई सुपर के मुख्य कार्यकारी (CEO) पॉल श्रोडर भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “यह निवेश भारत की विकास और सुधार यात्रा पर वैश्विक विश्वास की एक और स्पष्ट झलक है. यह दर्शाता है कि हमारी गतिशील अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को विकास के कितने बड़े अवसर दे रही है.”
भारत में बढ़ेगा निवेश का दायरा
इस ताजा वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ ही भारतीय बाजार में ऑस्ट्रेलियाई सुपर की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 3.3 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग ₹18,500 करोड़) हो गई है. वर्तमान में यह फंड भारत के बुनियादी ढांचे, शेयर बाजार (इक्विटी) और निजी बाजारों में लगभग 2.8 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश पहले ही संभाल रहा है.
नीतियों की निरंतरता और मजबूत प्रदर्शन मुख्य वजह
फंड के अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला भारत में उनके पुराने निवेश के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर लिया गया है. इससे पहले साल 2019 में कंपनी ने NIIF में 240 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का शुरुआती निवेश किया था, जिसे फंड ने अपने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो में से एक बताया है.
ऑस्ट्रेलियाई सुपर के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) शॉन मैनुअल ने कहा, “भारत में मजबूत आर्थिक विकास, तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग और सरकार द्वारा विदेशी पूंजी लगाने की प्रक्रियाओं को सुगम बनाना निवेश की मुख्य वजहें हैं. हमारा मानना है कि जब दीर्घकालिक पूंजी को दूरदर्शी सरकारी नीतियों और मजबूत संस्थानों का साथ मिलता है, तो परिणाम हमेशा सकारात्मक आते हैं.”
NIIF का महत्व
भारत सरकार द्वारा साल 2015 में स्थापित NIIF एक ऐसा मंच है जो देश के बुनियादी ढांचे (सड़क, ऊर्जा, परिवहन आदि) के विकास के लिए दुनिया के बड़े संस्थागत निवेशकों से दीर्घकालिक पूंजी जुटाता है. इस नए निवेश से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.


