पटना। पटना। बिहार के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत चार वर्षीय च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) स्नातक पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने इससे संबंधित अध्यादेश और विनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अधिसूचना जारी होते ही नया पाठ्यक्रम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।
- हालांकि, संशोधित अध्यादेश और विनियम पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय तथा मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में फिलहाल लागू नहीं होगा। अन्य सभी राज्य विश्वविद्यालयों में नए नियम के तहत स्नातक शिक्षा संचालित होगी।
- चार वर्षीय CBCS पाठ्यक्रम के तहत छात्र अपने मुख्य विषय के साथ अन्य विषय, स्किल डेवलपमेंट कोर्स और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी चुन सकेंगे। नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को रोजगारपरक और बहुआयामी शिक्षा उपलब्ध कराना है।
- नए विनियम में मल्टीपल एग्जिट सिस्टम भी लागू किया गया है। यदि कोई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ता है और निर्धारित शर्तें पूरी करता है तो उसे डिप्लोमा या अन्य प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। वहीं सभी आवश्यक क्रेडिट पूरे करने पर स्नातक की डिग्री प्रदान की जाएगी।
- प्रत्येक छात्र के लिए चौथे सेमेस्टर के बाद चार क्रेडिट की इंटर्नशिप अनिवार्य होगी। जो छात्र छठे सेमेस्टर तक 75 प्रतिशत या उससे अधिक CGPA हासिल करेंगे, वे चौथे वर्ष में रिसर्च स्ट्रीम चुन सकेंगे।
- 80 क्रेडिट (शोध परियोजना और शोध प्रबंध सहित) पूरे करने पर उन्हें शोध के साथ स्नातक डिग्री प्रदान की जाएगी।
NEP-2020 के अनुरूप बदली उच्च शिक्षा व्यवस्था
राजभवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह बदलाव उच्च शिक्षा को अधिक लचीला, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नए CBCS सिस्टम से छात्रों को अपनी रुचि और करियर के अनुसार पढ़ाई करने के अधिक अवसर मिलेंगे।


