Monday, July 6, 2026

नवादा में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश किसानों के लिए राहत बनकर आई है…

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नवादा के रजौली प्रखंड में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश किसानों के लिए राहत बनकर आई है. खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद धान, मक्का, रागी और अरहर की बुआई ने रफ्तार पकड़ ली है. हर-बैल और ट्रैक्टर से खेतों की जुताई शुरू होने से गांवों में खेती-किसानी का माहौल लौट आया है.

 नवादा के रजौली प्रखंड में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश किसानों के लिए राहत बनकर आई है. खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद धान, मक्का, रागी और अरहर की बुआई ने रफ्तार पकड़ ली है. हर-बैल और ट्रैक्टर से खेतों की जुताई शुरू होने से गांवों में खेती-किसानी का माहौल लौट आया है.

लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने मौसम अनुकूल होते ही खेती शुरू कर दी है. प्रखंड के विभिन्न गांवों में सुबह से किसान खेतों में जुटे हैं. कहीं ट्रैक्टर से जुताई हो रही है तो कहीं आज भी पारंपरिक तरीके से हर-बैल के सहारे खेत तैयार किए जा रहे हैं.

रजौली प्रखंड के रामदासी गांव में किसान राजेंद्र प्रसाद अपनी पत्नी के साथ पारंपरिक तरीके से खेती करते नजर आए. राजेंद्र प्रसाद बैलों से हल चलाते रहे, जबकि उनकी पत्नी पीछे-पीछे खेत में बीज छिड़कती रहीं. यह दृश्य गांवों में आज भी जीवित पारंपरिक कृषि पद्धति की झलक पेश करता है.

किसान राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बारिश के बाद खेतों की मिट्टी जुताई के लिए पूरी तरह तैयार हो गई है. उनका कहना है कि समय पर बुआई होने से इस बार अच्छी फसल मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि छोटे खेतों और अधिक नमी वाली जमीन में आज भी बैलों से जुताई अधिक कारगर साबित होती है.

कृषि विभाग ने किसानों को दी अहम सलाह

प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन कुमार ने किसानों से मौसम का पूरा लाभ उठाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि किसान उन्नत किस्म के बीज, संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें और समय-समय पर फसलों की देखभाल करें, ताकि खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन मिल सके.

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