Monday, June 29, 2026

रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1042 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे.

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रांची: झारखंड सरकार ने सोमवार को राज्य के शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए 1042 नवचयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपी. रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए. इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षकों के लिए सतत व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development-CPD) कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया.

  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है. सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है. उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे केवल पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक मूल्यों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि अब आप लोग तय करेंगे कि हमारी आने वाली पीढ़ी अपने पैरों पर कैसे खड़ी हो.
  • कार्यक्रम में वित्त और संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्य सभा सांसद महुआ माजी, शिक्षा विभाग के सचिव, मुख्य सचिव और कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी शामिल हुए. नियुक्ति पत्र वितरण से पहले नवनियुक्त शिक्षकों की ओर से चतरा जिले के मनोज कुमार वैद्य और रांची की सीता कुमारी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विचार रखे.
  • मनोज कुमार वैद्य ने कहा कि वे चतरा के एक सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं और शिक्षक के रूप में मिली जिम्मेदारी का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे. उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि गांव के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे अपने सपनों को पूरा कर सकें. वहीं नवनियुक्त शिक्षिका सीता कुमारी ने कहा कि शिक्षक बनना उनका सपना था और अब इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगी. उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना और उनके भविष्य को संवारना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.
  • इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सीपीडी (Continuous Professional Development) कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया. यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप शिक्षकों के सतत प्रशिक्षण और पेशेवर विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसके तहत कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षकों को हर वर्ष 50 घंटे का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा.
  • शिक्षा विभाग के अनुसार सीपीडी कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. शिक्षकों का समूहों में विभाजन किया जाएगा और प्रशिक्षण कैस्केड मॉडल के माध्यम से संचालित होगा. इसमें 20 घंटे का ऑफलाइन और 30 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य रहेगा. प्रशिक्षण को आवश्यकता आधारित बनाया गया है. ताकि शिक्षक नई शिक्षण तकनीकों, डिजिटल संसाधनों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से स्वयं को लगातार अपडेट कर सकें. विभाग का मानना है कि इससे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित होगा और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में भी सुधार आएगा.
  • सरकार का कहना है कि एक ओर नई नियुक्तियों से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं दूसरी ओर सीपीडी कार्यक्रम शिक्षकों की क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इससे शिक्षकों को बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा सकेगा और विद्यार्थियों को आधुनिक एवं प्रभावी शिक्षा उपलब्ध होगी.

नवनियुक्त सहायक आचार्यों को दिलाई शपथ

समारोह के दौरान सभी नवनियुक्त सहायक आचार्यों को शपथ दिलाई गई. उन्हें अपने दायित्वों का निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने का संकल्प दिलाया गया. लंबे इंतजार के बाद नियुक्ति पत्र मिलने से चयनित अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल देखा गया. वहीं शिक्षा विभाग का मानना है कि नियुक्ति और प्रशिक्षण दोनों पहल मिलकर झारखंड की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेंगी.

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