Monday, June 29, 2026

जहानाबाद जिले में गाड़ियों का आना-जाना आसान करने के लिए सड़क निर्माण विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है.

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 बिहार के जहानाबाद और अरवल जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है. दोनों जिलों को जोड़ने वाली सड़क समेत दो और सड़कों के चौड़ीकरण और मरम्मत पर 82 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना तैयार की गई है. शकुराबाद बाजार के बाहर बाईपास भी बनेगा.

जहानाबाद जिले में गाड़ियों का आना-जाना आसान करने के लिए सड़क निर्माण विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने दो मुख्य सड़कों को चौड़ा करने और उन्हें नए सिरे से बनाने का पूरा प्लान तैयार किया है. इस पूरे काम पर करीब 82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसका पूरा ब्योरा मंजूरी के लिए सीनियर अधिकारियों के पास भेज दिया गया है.

शकुराबाद से कुर्था तक बनेगी डबल लेन सड़क

इस योजना के तहत जहानाबाद के शकुराबाद से लेकर अरवल जिले के कुर्था तक जाने वाली सड़क को डबल लेन किया जाएगा. लगभग 9.4 किलोमीटर लंबी इस सड़क को बनाने में 47 करोड़ रुपये की लागत आएगी. यह सड़क जहानाबाद और अरवल को आपस में जोड़ती है. अभी यह सड़क काफी पतली और टूटी-फूटी है, जिससे यहां आए दिन गाड़ियां फंस जाती हैं और लंबा जाम लग जाता है. सड़क चौड़ी होने के बाद लोग बिना किसी परेशानी के सुरक्षित सफर कर सकेंगे.

केंदुई से मुरहरा सड़क का भी बदलेगा रूप

इसके अलावा रतनी फरीदपुर ब्लॉक के केंदुई से लेकर मुरहरा तक की 20 किलोमीटर लंबी सड़क को भी नए सिरे से ठीक किया जाएगा. इस काम पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह सड़क कई गांवों को सीधे मेन शहर से जोड़ती है. सालों से खराब पड़ी इस सड़क के बनने से लोगों का आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा.

शकुराबाद बाजार को जाम से बचाने के लिए बनेगा बाईपास

इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा शकुराबाद बाजार को मिलेगा. यहां बाजार के दक्षिण तरफ से एक नई बाईपास सड़क बनाने की तैयारी है. शकुराबाद बाजार की सड़क काफी पतली है और दोनों तरफ दुकानें होने की वजह से जब भी कोई बड़ा या भारी वाहन यहां से गुजरता है, तो घंटों जाम लग जाता है. बाईपास बनने के बाद बड़े वाहनों को बाजार के बाहर-बाहर से निकाल दिया जाएगा. इससे स्थानीय दुकानदारों, पैदल चलने वालों और आम जनता को जाम से हमेशा के लिए छुट्टी मिल जाएगी

किसानों को फायदा और समय की होगी बचत

सड़कें अच्छी होने से न सिर्फ लोगों का समय बचेगा, बल्कि गाड़ियों का डीजल-पेट्रोल भी कम खर्च होगा. इसके साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. गांवों के किसान अपनी फसलों और सब्जियों को आसानी से और जल्दी बड़ी मंडियों तक पहुंचा सकेंगे. लोगों के लिए अस्पताल, स्कूल और कॉलेज पहुंचना भी पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा.

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