Monday, June 29, 2026

 झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून धीरे-धीरे सक्रिय होता जा रहा है.

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झारखंड में मॉनसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका जताई गई है. मौसम में बदलाव के साथ तापमान में गिरावट के संकेत हैं, लेकिन वज्रपात की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं.

झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून धीरे-धीरे सक्रिय होता जा रहा है. भारत मौसम विज्ञान के पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक झारखंड के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. इधर, शनिवार और रविवार को वज्रपात से पांच की मौत हो गई. 

  • मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई तक झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाये रहेंगे. कई जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. 29 जून को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. 30 जून को झारखंड के विभिन्न हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा की संभावना है, जबकि उत्तर-पूर्वी झारखंड (कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद) में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. 1 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और मध्य झारखंड (रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़, धनबाद आदि) के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार है.

बारिश से बदलेगा मौसम, गर्मी से मिलेगी राहत 

मौसम केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने के संकेत हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. रविवार को देवघर जिले के सिकटिया में सर्वाधिक 54.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा, कोलेबिरा (40.2 मिमी), पपुनकी (30.8 मिमी), नोआमुंडी (23.6 मिमी), राजधनवार (23.2 मिमी) और पालकोट (14.8 मिमी) में भी बारिश हुई. रांची में छिटपुट बारिश दर्ज की गई. डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा. यहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं रांची का न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे कम था. रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

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