नई दिल्ली: अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने ग्रुप की सालाना आम बैठक (AGM) में एक बहुत बड़ी घोषणा की है. अडानी समूह अब भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखने जा रहा है. इसके लिए समूह ने ‘अडानी एटॉमिक एनर्जी’ नाम से एक नई कंपनी बनाई है. इस कंपनी का मुख्य लक्ष्य साल 2035 तक 10 गीगावॉट (GW) परमाणु बिजली पैदा करने की क्षमता हासिल करना है.
अडानी ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए जमीन की पहचान भी कर ली गई है. समूह की यह योजना ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार ने हाल ही में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों को काम करने की मंजूरी दी है.
देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का संकल्प
गौतम अडानी ने कहा कि दुनिया में बढ़ते राजनीतिक तनाव और देश में बिजली की बढ़ती मांग के बीच यह कदम भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा. उन्होंने कहा, “परमाणु ऊर्जा में हमारा प्रवेश भारत के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा और साहसी कदम है.” अडानी समूह का उद्देश्य देश को चौबीसों घंटे बिना रुके सस्ती और स्वच्छ बिजली देना है, ताकि बाहरी देशों पर भारत की निर्भरता कम हो सके.
इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹1.5 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश
अडानी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान समूह ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹1.5 लाख करोड़ से ज्यादा का रिकॉर्ड निवेश किया है. यह भारत में निजी क्षेत्र द्वारा किए गए कुल निवेश का 30 प्रतिशत से भी अधिक है.
अडानी पावर इस समय देश का सबसे बड़ा प्राइवेट पावर प्रोजेक्ट चला रही है. कंपनी अगले 5 वर्षों में अपनी कुल बिजली क्षमता को 45 गीगावॉट तक पहुंचाने के लिए ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश कर रही है. इसके साथ ही, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर ₹72,000 करोड़ हो गया है.
ग्रीन एनर्जी और विदेशी साझेदारी
अडानी समूह अब केवल कोयले से नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से बिजली बनाने पर जोर दे रहा है. इसके लिए समूह ने भूटान की ‘द्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन’ के साथ हाथ मिलाया है. दोनों मिलकर भूटान में 5,000 मेगावाट का हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट लगाएंगे. इसके अलावा, अडानी टोटल गैस ने इस साल देश में 11 लाख से अधिक घरों तक पीएनजी (पाइप वाली प्राकृतिक गैस) के कनेक्शन पहुंचा दिए हैं.
पोर्ट, एयरपोर्ट और डिजिटल क्षेत्र में बड़ी कामयाबी
बिजली के अलावा अडानी समूह के अन्य व्यवसायों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है:
- अडानी पोर्ट्स: इस साल कंपनी ने 50 करोड़ टन से ज्यादा कार्गो संभाला. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक इसे 100 करोड़ टन करने का है. इसके अलावा केरल के विझिंजम पोर्ट ने अपने पहले ही साल में 10 लाख से ज्यादा कंटेनर्स का बिजनेस किया.
- एयरपोर्ट्स: समूह ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की शुरुआत की है.
- गूगल के साथ डील: डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए अडानी समूह 2030 तक 3 गीगावॉट का डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है. इसके लिए दिग्गज टेक कंपनी गूगल के साथ विशाखापत्तनम में एक बड़ा समझौता किया गया है.
अडानी ग्रुप का शानदार मुनाफा
वित्तीय वर्ष 2025-26 अडानी समूह के लिए आर्थिक रूप से बेहद मजबूत रहा. इस साल समूह की कुल कमाई ₹2.92 लाख करोड़ रही. वहीं, कंपनी का शुद्ध मुनाफा 13.9 प्रतिशत बढ़कर ₹46,376 करोड़ तक पहुंच गया.अडानी ने अपने शेयरधारकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस रिकॉर्ड मुनाफे और पैसों की मजबूती के कारण समूह बिना रुके देश के विकास में बड़े प्रोजेक्ट्स लगाता रहेगा. उन्होंने अपने भाषण के अंत में कहा, “यह साल हमारे द्वारा किए गए निर्माण के लिए याद रखा जाएगा. हमने तब निर्माण किया जब ऐसा करना सबसे कठिन था.


