प्रधानमंत्री मोदी के पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के दौरे के दौरान यह राशि किसानों को जारी की जाएगी. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पश्चिम बंगाल में ही 45.35 लाख से अधिक किसानों को लगभग 907 करोड़ रुपये मिलेंगे.
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही राज्य में इस योजना के तहत कुल वितरण 15,055 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा, जबकि 2019 में योजना शुरू होने के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक पर पहुंच जाएगा.
चौहान ने कहा कि यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों की आय सुरक्षा मजबूत होगी.
मोदी पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमईबीवाई) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) की भी शुरुआत करेंगे. इनका कुल बजट लगभग 12,200 करोड़ रुपये है.
सरकार का लक्ष्य 2026-27 में लगभग 30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र और करीब 1.10 करोड़ किसानों को फसल बीमा कवरेज देना है, जिसमें लगभग 28,140 करोड़ रुपये की फसलें शामिल होंगी।
डिजिटल कृषि मिशन के तहत प्रधानमंत्री राज्य में एक ‘एग्री-टेक’ मंच पेश करेंगे जो उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, डीबीटी सेवाओं और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आधारित सरकारी खरीद के लिए एकीकृत व्यवस्था प्रदान करेगा.
मोदी राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की भी शुरुआत करेंगे, जिसके तहत 2026-27 में पश्चिम बंगाल में 346 प्राकृतिक खेती केंद्र (कुल 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में) स्थापित किए जाएंगे। इससे 43,250 किसानों को जैव-आधारित कच्चा माल, प्रशिक्षण और बाजार संपर्क मिलेगा.
वह ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ की भी शुरुआत करेंगे, जो पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरदुआर और झारग्राम जिलों में लागू होगी. इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण करना और भंडारण एवं प्रसंस्करण के बाद की सुविधाओं को विकसित करना है.
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-III) के तहत 49 सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इनकी कुल लागत 213 करोड़ रुपये से अधिक है. इसमें 315 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़के शामिल होंगी. इन सड़कों से ग्रामीण संपर्क बेहतर होगा, किसानों की बाजार तक पहुंच आसान होगी और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी.


