Thursday, June 18, 2026

SHVR रेटिंग में राज्य के तीन विद्यालयों को सम्मान मिला है, जिसमें रांची के बालिका आवासीय विद्यालय ने देश में पहला स्थान हासिल किया.

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रांचीः स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल विद्यालयों की राष्ट्रीय रैंकिंग में झारखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025-26 में राज्य के तीन सरकारी विद्यालयों का चयन ‘सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट’ के लिए किया गया है. इनमें रांची जिले के राहे स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है.

विद्यालय को मूल्यांकन प्रक्रिया में 99.20 अंक मिले हैं, जो देशभर के विद्यालयों में सर्वाधिक हैं. इसके साथ ही हजारीबाग का बिहार बालिका उच्च विद्यालय राष्ट्रीय सूची में 21वें स्थान पर रहा. जबकि लातेहार जिले के यूपीजी एमएस तुरिसोत ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सम्मानित विद्यालयों में जगह बनाई है.

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पुरस्कार के साथ विकास के लिए अतिरिक्त सहायता

राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रत्येक विद्यालय को ‘सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट’ प्रदान किया जाएगा. साथ ही विद्यालयों को स्वच्छता एवं हरित पहल को और मजबूत करने के लिए एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. इसके अलावा संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों को देश के उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों का अध्ययन करने के लिए शैक्षणिक एक्सपोजर विजिट का अवसर भी मिलेगा.

कड़े मानकों पर हुई जांच

रैंकिंग प्रक्रिया के दौरान विद्यालयों का मूल्यांकन कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर किया गया. इनमें स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, हाथ धोने की सुविधाएं, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, कचरा प्रबंधन, हरित परिसर और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयास शामिल रहे.

विद्यालयों को पहले निर्धारित पोर्टल पर अपने कार्यों से संबंधित फोटो और दस्तावेज अपलोड करने होते हैं. इसके बाद जिला, राज्य और केंद्र स्तर की टीमों द्वारा सत्यापन और निरीक्षण किया जाता है. सभी चरणों में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम राष्ट्रीय रैंकिंग तैयार की जाती है.

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लगातार प्रयासों का मिला परिणाम

राहे स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की प्राचार्य बिमला कुमारी ने इस उपलब्धि को विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि विद्यालय में कई वर्षों से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और छात्र सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था. बाल संसद और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त करना पूरे विद्यालय और झारखंड के लिए गर्व की बात है.

सरकारी स्कूलों में लगातार सुधार का असर

रांची के जिला शिक्षा पदाधिकारी बादल राज ने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग लगातार सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं. विभिन्न जागरूकता अभियानों और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता और हरित वातावरण पर विशेष फोकस का सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है. झारखंड के सरकारी विद्यालयों की यह उपलब्धि न केवल राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए उत्साहजनक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि योजनाबद्ध प्रयासों और सामुदायिक सहभागिता से सरकारी स्कूल भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट पहचान बना सकते हैं.

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