Thursday, June 11, 2026

एमसीएक्स और खुदरा बाजारों में आज सोना-चांदी के भाव भारी गिरावट के साथ टूटे.

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नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय बाजारों में मची उथल-पुथल के बीच आज घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ की गई हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद मध्य पूर्व में संकट गहरा गया है. इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसने वैश्विक मुद्रास्फीति (महंगाई) को और बढ़ा दिया है. इस संकटपूर्ण माहौल के बीच निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने से कमोडिटी बाजारों पर चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है.

वायदा बाजार (MCX) में बड़ी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत जोरदार गिरावट के साथ हुई. कल के कारोबारी सत्र में मामूली बढ़त दर्ज करने वाली चांदी आज औंधे मुंह गिर गई. जुलाई 2026 की डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव 5,012 रुपये (लगभग 2%) की भारी गिरावट के साथ 2,30,492 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. वहीं, अगस्त 2026 की डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में भी 1,573 रुपये (लगभग 1%) की बड़ी कटौती देखी गई, जिससे यह टूटकर 1,46,444 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया.

प्रमुख शहरों में आज के खुदरा भाव (प्रति 10 ग्राम)
वायदा बाजार में आई इस मंदी का सीधा असर देश के विभिन्न राज्यों के खुदरा बाजारों पर भी पड़ा है. bullions.co.in से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आज देश के मुख्य शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दाम इस प्रकार दर्ज किए गए:

दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में शुद्ध सोना (24K) 1,46,970 रुपये और आभूषणों के लिए इस्तेमाल होने वाला सोना (22K) 1,34,723 रुपये पर आ गया.

मुंबई और कोलकाता: आर्थिक राजधानी मुंबई में 24K सोना 1,47,270 रुपये (22K: 1,34,998 रुपये) और कोलकाता में 24K सोना 1,47,070 रुपये (22K: 1,34,814 रुपये) पर ट्रेंड कर रहा है.

दक्षिण भारत के शहर: हैदराबाद और चेन्नई में कीमतें समान बनी हुई हैं, जहां 24K सोना 1,47,550 रुपये और 22K सोना 1,35,254 रुपये पर बिक रहा है. बेंगलुरु में 24K का भाव 1,47,430 रुपये रहा, जबकि तिरुवनंतपुरम में यह सबसे महंगा 1,47,720 रुपये दर्ज किया गया.

खुदरा चांदी का भाव: देश भर के खुदरा बाजारों में आज चांदी का औसत भाव 2,34,460 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बना हुआ है.

बाजार विशेषज्ञों की राय
कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने का डर बढ़ गया है, जिससे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हैं. इसके कारण दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है. मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और ऊंचे ब्याज दरों के संकेतों ने भी सर्राफा बाजार की धारणा को कमजोर किया है. आम ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि खुदरा कीमतें वायदा बाजार की तर्ज पर थोड़ी नीचे आई हैं, हालांकि इन कीमतों में अभी 3% जीएसटी और मेकिंग चार्ज शामिल होना बाकी है.

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