Thursday, June 18, 2026

रांची की बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण के लिए रोडमैप तैयार कर लिया गया है.

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रांची:झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राज्य के पशुधन बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. कृषि एवं पशुपालन मंत्री की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में रांची के कांके स्थित ऐतिहासिक बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार किया गया है.

तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में होगा आधुनिकीकरण

आज की बैठक में ICAR-राष्ट्रीय मांस अनुसंधान संस्थान (NMRI), हैदराबाद के निदेशक डॉ. एसबी बरबुधे, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम मुथुकुमार, पशुपालन विभाग के निदेशक रोबिन टोप्पो और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. कृषि मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस परियोजना को उच्च प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए. फैक्ट्री के आधुनिकीकरण और त्वरित क्रियान्वयन (Fast-Tracking) के लिए NMRI, हैदराबाद के विशेषज्ञों और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित की गई है, जो आगामी कुछ हफ्तों में एक ठोस कार्य योजना (Action Plan) सौंपेगी.

जीरो-वेस्ट तकनीक और कौशल विकास पर जोर

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने फैक्ट्री को पर्यावरण अनुकूल और ‘जीरो-वेस्ट’ (शून्य अपशिष्ट) प्रसंस्करण इकाई बनाने पर विशेष जोर दिया है. इसके लिए कई निर्देश दिए गए. जिसमें अत्याधुनिक इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और उन्नत रेंडरिंग प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी. यह रेंडरिंग प्लांट बूचड़खाने के उप-उत्पादों को उच्च प्रोटीन वाले पशु आहार घटकों में बदलकर व्यावसायिक लाभ सुनिश्चित करेगा. साथ ही परिसर में एक समर्पित प्रशिक्षणार्थी हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा, ताकि स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को आधुनिक मांस प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा सके.

आत्मनिर्भर मॉडल की ओर अग्रसर

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस प्रोजेक्ट को एक ऐसे व्यावसायिक मॉडल के रूप में संचालित करें, जो भविष्य में सरकारी अनुदान पर निर्भर न रहे. कांके बेकन फैक्ट्री को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और संस्थागत बिक्री के माध्यम से वित्तीय स्वायत्तता और आत्मनिर्भर (Self-Sustainability) बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह पुनरुद्धार केवल एक संयंत्र को शुरू करना नहीं, बल्कि पशुपालकों के लिए आर्थिक समृद्धि का नया जरिया है.

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से होगा जुड़ाव

पशुधन आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए मंत्री ने राजकीय पशुधन फार्मों को ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ (MMPVY) के साथ जोड़ने का निर्देश दिया है. इसके तहत, सरकारी फार्म नर्सरी के रूप में कार्य करेंगे, जहां से लाभार्थियों को रोग-प्रतिरोधी और उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही, बेकार हो गए उपकरणों की नीलामी और नई तकनीकी निविदाओं की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया है.

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