राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के व्यवहार से राजद नेताओं में नाराजगी है
रांची: झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है, लेकिन झारखंड में NDA और INDIA ब्लॉक की इस चुनाव को लेकर रणनीति क्या होगी यह अभी तक साफ नहीं हुआ है. इस बीच राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय जनता दल की उपेक्षा किये जाने की बात कहकर झारखंड राजद के प्रदेश सचिव रामकुमार यादव ने अपनी नाराजगी जता दी है.
कांग्रेस के रवैये से राजद नाराज
राजद के प्रदेश सचिव इस बात से बेहद खफा दिखे कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने दो दिन रांची में रहकर झामुमो नेतृत्व से मुलाकात की लेकिन अभी तक 4 विधायकों की ताकत वाली पार्टी राजद और 02 विधायकों वाली पार्टी सीपीआई माले के राज्यस्तरीय नेताओं से कोई बात नहीं क
हमारे चार विधायक बेहद महत्वपूर्ण, हम जहां जीत वहींः रामकुमार यादव
झारखंड राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश सचिव रामकुमार यादव ने कहा कि हमलोगों के चार विधायक हैं और जहां हम जाएंगे वही राज्यसभा सीट जीतेगा. बिना हमलोगों के उनका(कांग्रेस) काम नहीं चलेगा.
रामकुमार यादव ने कहा कि कांग्रेस के व्यवहार से राजद न तो निराश हैं और न हताश हैं, क्योंकि हमलोग जानते हैं कि बिना हमलोगों के उनका काम नहीं चलेगा. कांग्रेस के इग्नोर करने और न करने से राजद पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला क्योंकि हम जानते हैं कि बिना राजद के कांग्रेस को कुछ हासिल नहीं होने वाला है.
राजद नेता रामकुमार यादव ने कहा कि कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी को लेकर पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा से सबकुछ साफ कर लेना चाहती होगी, इसलिए मुख्यमंत्री एवं झामुमो सुप्रीमो हेमंत सोरेन से उनकी वार्ता हुई होगी. हमलोगों के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव और कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का निर्देश ही अहम है. जहां वोट देने का उनका आदेश आएगा, पार्टी के चारों विधायक वहां वोट कर देंगे.
कांग्रेस सभी दलों को देती है बराबर का मान सम्मानः डॉ तौसीफ
झारखंड कांग्रेस के नवनियुक्त मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ तौसीफ ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर इंडिया ब्लॉक में शामिल सभी दल और उनके विधायक इंटेक्ट (एकजुट) हैं. कहीं कोई नाराजगी जैसी बात नहीं है. डॉ तौसीफ ने कहा कि राजनीति में बहुत सारी बातों, रणनीतियों को सार्वजनिक नहीं किया जाता है.
राज्यसभा चुनाव में राजद-माले के विधायकों का महत्व समझिए
झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए 18 जून को दो सीटों के लिए मतदान होना है. राज्य में सत्ताधारी गठबंधन को विधानसभा में 56 विधायकों का (JMM -34, CONGRESS -16, RJD-04, CPI ML-02) समर्थन प्राप्त है. 81 विधायकों वाली विधानसभा में राज्यसभा की 02 सीटों के लिए प्रथम वरीयता के वोट से जीत के लिए 27+1=28वोट ही चाहिए.
इस तरह दो सीट पर प्रथम वरीयता के वोट से जीतने के लिए 56 वोट ही चाहिए होंगे. यह तभी संभव है जब झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले के सभी विधायक एकजुट होकर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के लिए वोट करे. यहीं राजद और माले की उपयोगिता इस चुनाव में बेहद बढ़ जाती है. प्रदेश राजद के सचिव ने अपनी बात कहकर साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के व्यवहार से कम से कम झारखंड राजद के नेता तो खुश नहीं हैं.


