Monday, June 1, 2026

1 जून से एलपीजी, यूपीआई, पैन कार्ड और एडवांस टैक्स समेत 5 बड़े नियमों में बदलाव, सीधे आपकी जेब और मासिक बजट पर पड़ेगा असर.

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नई दिल्ली: आज से जून का महीना शुरू हो चुका है और पहली तारीख से ही देश में आम जनता की जेब, बैंकिंग, टैक्स नियमों और डिजिटल पेमेंट से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं. सरकार, रिजर्व बैंक (RBI) और आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए इन नए नियमों का सीधा असर आपके मासिक बजट और रोजमर्रा के लेन-देन पर पड़ेगा. आइए विस्तार से जानते हैं कि 1 जून 2026 से कौन से 5 बड़े नियम बदल गए हैं.

1. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल
ग्लोबल मार्केट में जारी उठापटक और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण देश में लगातार छठे महीने रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. तेल विपणन कंपनियों ने 1 जून से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹42 की बढ़ोतरी कर दी है. इसके अलावा, 5 किलोग्राम वाले एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की कीमत भी ₹11 बढ़ गई है. राहत की बात यह है कि घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. लेकिन कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से रेस्तरां, ढाबों और बाहर खाना खाने वालों की जेब पर बोझ बढ़ेगा. पिछले 6 महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं.

2. आयकर विभाग ने दी राहत: पैन (PAN) कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव
आयकर विभाग ने आम जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए पैन कार्ड से जुड़े रिपोर्टिंग थ्रेशोल्ड में बड़े बदलाव किए हैं. अब एक दिन में ₹50,000 से अधिक की नकद जमा (कैश डिपॉजिट) पर कुछ विशेष मामलों में पैन कार्ड की अनिवार्यता को हटा दिया गया है. इसके अलावा, सालाना कैश डिपॉजिट की रिपोर्टिंग सीमा को ₹2.5 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹10 लाख कर दिया गया है. संपत्ति (Property) के लेन-देन में भी राहत मिली है; अब ₹20 लाख तक की प्रॉपर्टी डील के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा, जो पहले ₹10 लाख था. हालांकि, सालाना ₹10 लाख से अधिक की नकद निकासी पर अब आयकर विभाग की सख्त निगरानी रहेगी.

3. सख्त हुआ UPI सिक्योरिटी: अब पिन के साथ बायोमेट्रिक भी जरूरी
देश में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बड़ा कदम उठाया है. 1 जून से उच्च मूल्य वाले यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए सुरक्षा की एक अतिरिक्त लेयर जोड़ दी गई है. अब बड़े अमाउंट का ट्रांसफर करते समय केवल यूपीआई पिन (UPI PIN) डालना काफी नहीं होगा. सुरक्षा जांच के लिए यूजर्स को अपने फोन का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, जैसे कि फिंगरप्रिंट या फेशियल रिकग्निशन देना पड़ सकता है. इससे मोबाइल चोरी होने पर भी आपके अकाउंट से फर्जी ट्रांजैक्शन करना नामुमकिन हो जाएगा.

4. यूपीआई एटीएम (UPI ATM) से पैसे निकालना अब मुफ्त नहीं
बिना डेबिट कार्ड के केवल क्यूआर कोड स्कैन करके एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा का इस्तेमाल करने वालों के लिए बुरी खबर है. 1 जून से यूपीआई-आधारित कार्डलेस कैश विड्रॉल को भी सामान्य एटीएम ट्रांजैक्शन की तरह ही गिना जाएगा. इसका मतलब है कि यह आपके बैंक द्वारा मिलने वाली मासिक मुफ्त एटीएम लिमिट (आमतौर पर 3 से 5 बार) के दायरे में आएगा. यदि आप इस तय सीमा से अधिक बार यूपीआई एटीएम का उपयोग करते हैं, तो आपको डेबिट कार्ड की तरह ही अतिरिक्त चार्ज देना होगा.

5. एडवांस टैक्स की पहली किस्त की डेडलाइन नजदीक
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख 15 जून तय की गई है. ऐसे सभी नौकरीपेशा लोग जिनकी सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों से कमाई होती है, या जो फ्रीलांसर और व्यापारी हैं, उन्हें 15 जून तक अपने अनुमानित टैक्स का कम से कम 15% हिस्सा जमा करना होगा. यह नियम उन लोगों पर लागू होता है जिनका टीडीएस (TDS) कटने के बाद कुल टैक्स देनदारी ₹10,000 से अधिक बनती है. 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को, जिनका कोई व्यावसायिक लाभ नहीं है, इस टैक्स से छूट दी गई है.

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