फुटबॉल का सबसे बड़ा टूर्नामेंट ‘FIFA World Cup 2026’ अगले महीने 12 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में शुरू होने वाला है. लेकिन दुनिया के सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत में इस टूर्नामेंट को दिखाने को लेकर अभी तक कुछ भी तय नहीं हो सका है. जिसकी वजह से भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों को यह नहीं पता कि वे यह टूर्नामेंट कहां देख पाएंगे भी या नहीं.
फीफा ने जिओस्टार की बोली खारिज की
दरअसल फुटबॉल की गवर्निंग बॉडी ‘FIFA’ ने शुरू में 2026 और 2030 World Cup के लिए भारत में इस टूर्नामेंट के मीडिया राइट्स पैकेज की कीमत लगभग 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर तय की थी. लेकिन, जब भारतीय ब्रॉडकास्टरों की ओर से इसमें बहुत कम दिलचस्पी दिखाई गई, तो बाद में FIFA ने इसकी मांगी गई कीमत घटाकर लगभग 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर दी. इसके बाद ये रिपोर्ट सामने आई की जिओस्टार ने 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर में मीडिया राइट्स की बोली लगाई, जिससे फीफा ने खारिज कर दिया.
मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा
इसके बाद से अभी तक भारत में इस टूर्नामेंट को दिखाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई. इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट में एक वकील द्वारा एक याचिका दायर करके ये मांग की गई कि FIFA World Cup 2026 का भारत में प्रसारण पब्लिक ब्रॉडकास्टर दूरदर्शन के जरिए किया जाए. याचिका में ये जोर दिया गया था कि टूर्नामेंट के शुरुआती मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मैचों का दूरदर्शन और DD Sports जैसे प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में प्रसारण किए जाएं.
दूरदर्शन भी ब्रॉडकास्टिंग से हटा पीछे
इसी याचिका पर जब दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव के सामने सुनवाई हुई तो कोर्ट में दूरदर्शन ने आधिकारिक तौर पर कोर्ट को बताया कि भारत में FIFA World Cup के राइट्स हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है. इससे ये साफ हो गया कि दूरदर्शन भी अब इस टूर्नामेंट को नहीं दिखाएगा.
भारत में फीफा का मीडिया राइट्स खरीदने में दिक्कत क्यों?
सबसे बड़ी समस्या टूर्नामेंट के समय को लेकर है. चूंकि ये टूर्नामेंट अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेले जाने हैं, और उनके कार्यक्रम के अनुसार भारत में ये मैच देर रात और सुबह के समय प्रसारित होंगे. इसी वजह से FIFA और भारतीय ब्रॉडकास्टर्स के बीच कोई डील नहीं हो पा रही है, क्योंकि भारत में ब्रॉडकास्टर ऐसे टूर्नामेंट पर भारी निवेश करने से हिचकिचा रहे हैं.


