अपरा एकादशी का व्रत 13 मई, बुधवार के दिन रखा जाएगा.
अपरा एकादशी का व्रत 13 मई, बुधवार के दिन रखा जाएगा. कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए दान करना बेहद शुभ माना जाता है. ऐसे में यहां कुछ सामग्रियों के बारे में बताया गया है, जिनका दान आप इस दिन कर सकते हैं.
ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को ‘अपरा एकादशी’ कहा जाता है. अपरा का अर्थ है अपार या असीम पुण्य देने वाली. यह पर्व भगवान विष्णु को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की आराधना और दान करने से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है, जीवन में सुख-शांति आती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
अपरा एकादशी के दिन करें इन चीजों का दान
- जल और शरबत का दान: ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को जल पिलाना या मीठे शरबत का दान करना बहुत शुभ माना जाता है.
- अन्न दान: हिंदू धर्म में अन्न दान को महादान माना गया है. मान्यता है कि इस दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को अनाज दान करने से घर में बरकत बनी रहती है.
- पीले रंग की वस्तुएं: मान्यता है कि भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है. इसलिए किसी जरूरतमंद व्यक्ति को पीले वस्त्र और फलों का दान करना शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इससे कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है.
- छाता और जूते-चप्पल: ज्येष्ठ मास गर्मी का महीना होता है. इस समय गर्मी से राहत दिलाने वाली वस्तुओं जैसे छाता, जूते-चप्पल या पंखे का दान करना विशेष फलदायी माना जाता है.
अपरा एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथि
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 मई 2026 को दोपहर 02:52 बजे से
- एकादशी तिथि समाप्त: 13 मई 2026 को दोपहर 01:29 बजे तक
- पारण का समय: 14 मई 2026 को सुबह 05:31 बजे से 08:14 बजे तक
- व्रत तिथि: उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत 13 मई 2026 को रखा जाएगा.