जामताड़ा: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह आदिवासी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग सरना धर्म कोड को लागू करे. उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी भी दी कि अगर सरकार यह मांग पूरी नहीं करती है, तो वह नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना देंगे.
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरना धर्म कोड आदिवासियों की पहचान है, जिसे केंद्र सरकार लागू नहीं कर रही है. सरना धर्म कोड को तुरंत लागू करने की मांग करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसे लागू नहीं किया गया, तो वह जंतर-मंतर पर धरना देंगे, राष्ट्रपति और राहुल गांधी से भी मिलेंगे.
उन्होंने कहा कि अगर सरना धर्म कोड लागू नहीं हुआ, तो आदिवासियों की पहचान मिट जाएगी. असम, ओडिशा और मध्य प्रदेश में रहने वाले आदिवासियों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं होता है. उन्होंने कहा कि अगर वहां आदिवासियों के साथ गलत बर्ताव होता है, तो वह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.
इरफान अंसारी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड आदिवासियों के लिए बनाया गया था, लेकिन भाजपा ने 20 साल तक राज किया. लेकिन, उन 20 सालों में झारखंड के आदिवासी समाज पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. उन्हें सिर्फ लूटा गया और उनके जल, जंगल और जमीन को बर्बाद कर दिया गया.
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अभी झारखंड में आदिवासी समाज की संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को सम्मान देने की कोशिश की जा रही है. संस्कृति और विरासत को बचाने के लिए सरकार लाभार्थियों को पारंपरिक वाद्य यंत्र बांट रही है.
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जिला प्रशासन द्वारा ट्राइबल आर्ट्स एंड कल्चर सेंटर और धूम केडिया भवन में आयोजित एक समारोह में लाभार्थियों को पारंपरिक वाद्य यंत्र बांटे. इस मौके पर उपायुक्त आलोक कुमार, एसपी शंभू कुमार सिंह, डीडीसी निरंजन कुमार, आईटीडीए डायरेक्टर जुगनु मिंज शाहिद, 22 पंचायत के मुखिया और कई आदिवासी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे.


