पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) की प्रतियोगिता परीक्षा में कदाचार और प्रश्न पत्र लीक के प्रयास मामले में अब तक 8 प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इन सारी प्राथमिकी को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की SIT टेकओवर कर समेकित जांच करेगी। सबसे पहले क्रमश: 14 और 17 अप्रैल को मुंगेर और नालंदा में परीक्षा धांधली मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद बेगूसराय, वैशाली और गया आदि जिलों में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
EOU अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में सभी जगह एक ही पैटर्न में धांधली का प्रयास किया गया है। इससे पूरी संभावना है कि परीक्षा धांधली (AEDO Exam Fraud) में किसी संगठित गिरोह की भूमिका है।
अब तक पुलिस ने परीक्षा धांधली में अलग-अलग जिलों से 38 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ भी गई है। इसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
ईओयू एसपी ने BPSC से ली जानकारी
एईडीओ परीक्षा मामले में ईओयू ने बीपीएससी से भी जानकारी ली है। ईओयू के एसपी ने बीपीएससी के अधिकारियों से पूरी परीक्षा प्रक्रिया और इससे जुड़े लोगों की जानकारी ली है। परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी के चयन के बारे में भी सूचना ली गई है।
परीक्षा संचालन में लगी निजी एजेंसी की भूमिका भी संदिग्ध मिली है, जिसका सत्यापन कराया जा रहा है। उसके काली सूची में डाले जाने का भी इनपुट ईओयू को मिला है।
इसके लिए एजेंसी का पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है। परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक में खेल का मामला सामने आया है। इस तरह की शिकायतें कई जिलों में मिली हैं, जिसकी भी जांच ईओयू की टीम कर रही है।
एसपी के नेतृत्व में बनी है SIT
परीक्षा धांधली की जांच के लिए ईओयू ने एसपी (प्रशासन) राजेश कुमार के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया है। इस टीम में डीएसपी जाकिर हुसैन, पुलिय निरीक्षक संतोष कुमार, विजय ओझा, जावेद अख्तर, फूलदेव चौधरी, अमरेंद्र कुमार और अवर निरीक्षक अमितेज कुमार और पीटीसी रंजीत राय को शामिल किया गया है, जिन्हें साक्ष्य जुटाने और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
SIT की मदद के लिए विशेष कार्य बल और साइबर सुरक्षा इकाई से भी अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की जा रही है, ताकि डिजिटल एंगल और संगठित गिरोह की कडिय़ों को खंगाला जा सके।


