धनबादः कहते हैं इंसान अपने कर्मों से अमर होता है. झरिया के जेलगोरा नंबर-7 बस्ती निवासी बजरंगी साव ने इस कहावत को सच साबित कर दिया. उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद भी समाज की सेवा का ऐसा उदाहरण पेश किया, जो लोगों को वर्षों तक प्रेरित करता रहेगा.
बजरंगी साव की इच्छा की गई पूरी
10 जून 2026 को हृदय गति रुकने से बजरंगी साव का निधन हो गया, लेकिन उनकी सोच और उनका संकल्प आज भी जीवित है. जीवनकाल में ही उन्होंने यह फैसला कर लिया था कि मृत्यु के बाद उनका शरीर चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्य के लिए दान कर दिया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के डॉक्टर इससे सीख सकें और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके.
मौत से पहले पत्र लिखकर इच्छा जताई थी
14 फरवरी 2023 को उन्होंने शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) को पत्र लिखकर अपनी इच्छा जताई थी कि उनके निधन के बाद उनका शरीर मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया जाए. उन्होंने लिखा था कि शरीर नश्वर (mortal) है, लेकिन यदि इससे किसी का जीवन संवर सकता है तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं.
उनके निधन के बाद इस अंतिम इच्छा को पूरा करना आसान नहीं था. कागजी प्रक्रियाओं और समय की चुनौती के बीच पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के निजी सचिव अमित कुमार और क्षेत्रीय प्रतिनिधि मृणालकांत सिंह ने इस मामले में पहल की. उन्होंने SNMMCH के प्राचार्य, अस्पताल प्रबंधन और एनाटॉमी विभाग से तत्काल समन्वय स्थापित कर सभी औपचारिकताएं पूरी कराईं.
अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता
परिजनों ने भी दुख की इस घड़ी में अद्भुत साहस का परिचय दिया और बजरंगी साव के संकल्प का सम्मान करते हुए उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया. अब उनका शरीर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई, शोध और चिकित्सा विज्ञान के विकास में उपयोगी साबित होगा, जबकि उनका संदेश समाज में अंगदान और देहदान के प्रति नई जागरूकता पैदा करेगा.
बजरंगी साव अपने पीछे पत्नी उमा देवी, दो पुत्र आशीष साव और चंदन साव, पुत्री रजनी देवी तथा पोते-पोतियों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. पूरे परिवार ने मिलकर यह साबित कर दिया कि किसी प्रियजन को सच्ची श्रद्धांजलि उसकी अंतिम इच्छा का सम्मान करने में है.
मृत्यु अंत नहीं बल्कि किसी और के जीवन की उम्मीद है
बजरंगी साव भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके इस महादान ने उन्हें हमेशा के लिए अमर बना गया. उनकी कहानी यह संदेश देती है कि मृत्यु अंत नहीं, बल्कि किसी और के जीवन में नई उम्मीद की शुरुआत भी बन सकती है.


