बिहार में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, पटना का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और बक्सर में 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 16 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है और अगले चार दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
पटना। बिहार में गर्मी लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। मौसम विभाग की उष्ण लहर निगरानी रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। बुधवार को 12 जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।
पटना का तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक
राजधानी पटना में भी गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। बुधवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक है। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
बक्सर में पारा 44 डिग्री के पार
राज्य में सबसे अधिक तापमान बक्सर में दर्ज किया गया, जहां पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा डेहरी में 42.4, गया में 42.2, शेखपुरा में 42, अरवल में 41.7 और छपरा में 41.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
16 जिलों में हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार को राजधानी समेत 16 जिलों में हीटवेव चलने की आशंका जताई है। उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य जिलों में अगले तीन दिन तक तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना है, जो सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक रहेगा।
चार दिन तक राहत के आसार नहीं
मौसम विज्ञानियों के अनुसार अगले चार दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई विशेष गिरावट नहीं होगी। यानी लोगों को अभी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। खासकर दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।
तेज धूप और धूल भरी हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
बुधवार सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को झुलसाया, वहीं दोपहर में धूल भरी हवाओं ने स्थिति और खराब कर दी। सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकले। बाजारों में भी दोपहर के समय भीड़ कम रही।
कई जिलों में लू जैसे हालात
मोतिहारी में 41 डिग्री तापमान के साथ हीटवेव जैसी स्थिति रही, जबकि शेखपुरा में लू के हालात बने रहे। गुरुवार को गया, जहानाबाद, नालंदा और नवादा में भी लू का असर जारी रहने की संभावना है।
रंग कोड के आधार पर चेतावनी जारी
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तापमान को लेकर रंग कोड के आधार पर चेतावनी जारी की है। येलो अलर्ट में सामान्य से अधिक तापमान और सीमित स्थानों पर लू की स्थिति होती है, जिसमें धूप से बचने की सलाह दी जाती है।
ऑरेंज और रेड अलर्ट में बढ़ता खतरा
ऑरेंज अलर्ट गंभीर गर्मी की स्थिति को दर्शाता है, जिसमें लगातार दो दिन तक उष्ण लहर चलती है और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। वहीं रेड अलर्ट में चार या उससे अधिक दिन तक भीषण हीटवेव बनी रहती है, जिसमें बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।


