रांची: झारखंड सरकार द्वारा संचालित आकांक्षा कोचिंग संस्थान एक बार फिर अपने परिणामों को लेकर चर्चा में है. 2026 के जेईई मेन परीक्षा में इस योजना के तहत पढ़ाई कर रहे 42 छात्रों ने सफलता हासिल की है. इन छात्रों के प्रदर्शन से न सिर्फ शिक्षा विभाग बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों में भी खुशी का माहौल है. खास बात यह है कि इनमें से कई छात्रों ने उच्च पर्सेंटाइल हासिल करते हुए जेईई एडवांस के लिए भी क्वालिफाई किया है.
मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मुफ्त परीक्षाओं की तैयारी
आकांक्षा योजना की शुरुआत झारखंड सरकार ने 2016-17 में की थी. इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी उपलब्ध कराना है. इस योजना के तहत छात्रों को न सिर्फ निशुल्क कोचिंग दी जाती है, बल्कि रहने और खाने की भी पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है.
छात्रों ने मनवाया अपनी प्रतिभा का लोहा
इस साल के परिणामों में शुभम कुमार बर्नवाल ने 99.83 पर्सेंटाइल के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है. वही कृष्णा कुमार (98.98), विनीत कुमार (96.83), सुनील कुमार यादव (96.63) और आकाश कुमार (96.14) जैसे छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. इसके अलावा कई अन्य छात्रों ने 90 पर्सेंटाइल से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.
आकांक्षा योजना के तहत छात्रों को तैयारी का मौका
परिणामों से यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी पहल और सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण और साधारण पृष्ठभूमि के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं. निजी कोचिंग संस्थानों में जहां लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, वही आकांक्षा योजना के जरिए छात्रों को यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त मिल रही है.
माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद, शिक्षा पदाधिकारी बादल राज और आकांक्षा योजना से जुड़े अधिकारियों ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ये छात्र भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे. आकांक्षा योजना का यह परिणाम न केवल शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है बल्कि यह भी दिखाता है कि सही अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती.


