Wednesday, May 6, 2026

उच्चतम न्यायालय ने अनिल अंबानी की याचिका खारिज कर बैंकों को उनके खातों को धोखाधड़ी घोषित करने की कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी है.

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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को उद्योगपति अनिल अंबानी को एक बड़ा कानूनी झटका देते हुए उनकी उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी. बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने आदेश में सार्वजनिक क्षेत्र के तीन प्रमुख बैंकों को अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) के खातों को ‘धोखाधड़ी’ (फ्रॉड) घोषित करने की कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी थी.

मामले की पृष्ठभूमि और अदालती कार्यवाही
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने यह फैसला सुनाया. अंबानी ने हाई कोर्ट की खंडपीठ के 23 फरवरी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने एकल पीठ द्वारा लगाए गए अंतरिम स्टे को हटा दिया था. दिसंबर 2025 में एकल पीठ ने इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा शुरू की गई कार्यवाही पर रोक लगा दी थी, जिसे अब पूरी तरह हटा लिया गया है.

अंबानी की दलीलें और बैंकों का पक्ष
अनिल अंबानी की ओर से तर्क दिया गया था कि बैंकों द्वारा की जा रही कार्रवाई एक त्रुटिपूर्ण ‘फॉरेंसिक ऑडिट’ पर आधारित है और यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनिवार्य दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती है. दूसरी ओर, बैंकों और ऑडिट फर्म बीडीओ इंडिया एलएलपी ने दलील दी कि ऋण चूक और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए खातों को फ्रॉड घोषित करना आवश्यक प्रक्रिया है.

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
हालांकि शीर्ष अदालत ने खंडपीठ के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, लेकिन अनिल अंबानी को एक छोटी राहत देते हुए उन्हें हाई कोर्ट की एकल पीठ के समक्ष अपनी मूल याचिका जारी रखने की अनुमति दी है. पीठ ने एकल पीठ से अनुरोध किया कि वह बैंकों द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के खिलाफ अंबानी की चुनौती पर शीघ्र निर्णय ले.

इस फैसले के बाद, अब बैंक रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों को आधिकारिक तौर पर ‘फ्रॉड’ श्रेणी में डालने के लिए स्वतंत्र हैं. यदि ये खाते फ्रॉड घोषित हो जाते हैं, तो भविष्य में अनिल अंबानी और उनकी संबंधित कंपनियों के लिए बैंकिंग प्रणाली से नया ऋण लेना लगभग असंभव हो जाएगा और जांच एजेंसियां इस मामले में आपराधिक दृष्टिकोण से गहन जांच शुरू कर सकेंगी. फिलहाल, अंबानी ने अदालत को आश्वासन दिया है कि वे जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे.

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