Tuesday, March 17, 2026

झारखंड के कई जिलों में नगर परिषद और निगम के लिए नवनिर्वाचित अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ.

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 झारखंड में नगर निकाय चुनाव के बाद अब नगर परिषद और निगम को धीरे-धीरे नया प्रतिनिधि मिल रहा है. प्रदेश के विभिन्न जिलों के निगम और परिषद में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है. साथ ही नगर परिषद अध्यक्ष, निगम के मेयर और वार्ड पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गयी.

लोहरदगा नगर परिषद उपाध्यक्ष पद को लेकर हुए चुनाव में जो संभावना थी और जिस बात को लेकर चर्चा हो रही थी, अंतत वही हुआ. नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद का चुनाव निर्विरोध रूप से वार्ड संख्या 12 के पार्षद अब्दुल कादिर अली ने जीत लिया. विपक्षी खेमा इस चुनावी मैदान में पूरी तरह से फेल नजर आया.

राजनीतिक दलों पर भारी रही व्यक्तिगत नीति

लोहरदगा नगर परिषद चुनाव की पूरी प्रक्रिया मंगलवार को संपन्न हो गई. नगर परिषद के 23 वार्ड के पार्षदों को शपथ दिलाई गई. इसके साथ ही नगर परिषद के उपाध्यक्ष का चुनाव भी संपन्न हो गया. मजेदार बात यह रही की राजनीतिक दलों की राजनीति से कहीं अधिक भारी व्यक्तिगत नीति रही. राजनीतिक दलों ने खूब जोर लगाया लेकिन अंतत जीत एक व्यक्तिगत नीति की रही. नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं का भी खुलासा किया है.

वार्ड 12 के पार्षद बने नगर परिषद के उपाध्यक्ष

लोहरदगा नगर परिषद का चुनाव इसलिए भी रोचक था कि यहां पर इस पर दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर थी. विशेष तौर पर वार्ड संख्या 12 का चुनाव परिणाम सबकी नजर में था. यहां पर चुनाव मैदान में पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष रउफ अंसारी और लोहरदगा के जाने माने संवेदक और सामाजिक कार्यकर्ता हाजी अब्दुल जब्बार के छोटे भाई पूर्व आर्मी का जवान अब्दुल कादिर अली चुनाव मैदान में थे. दोनों के बीच रोमांचक चुनावी मुकाबला हुआ और बड़े अंतर से चुनावी रणनीति में मात्र देते हुए अब्दुल कादिर अली ने वार्ड संख्या 12 से पार्षद का चुनाव जीत लिया था. इसके बाद से ही कयास लगाया जा रहे थे कि अब्दुल कादिर अली इस बार चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए उतरेंगे.

वहीं दूसरी ओर उपाध्यक्ष पद के लिए राजनीतिक दल का एक धड़ा पुरा जोर लगा रहा था. भारतीय जनता पार्टी के समर्थित प्रत्याशी अनिल उरांव के अध्यक्ष पद पर जीत प्राप्त करने के बाद से ही उपाध्यक्ष पद पर भी इस दल की नजर थी और खूब जोड़ तोड़ हुआ. एक तरफ हाजी अब्दुल जब्बार अपने छोटे भाई अब्दुल कादिर अली के लिए रणनीति बना रहे थे तो दूसरी और एक राष्ट्रीय दल के नेता जुगाड़ में थे.

लेकिन तमाम रणनीति पर अब्दुल कादिर अली भारी पड़े और मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित उपाध्यक्ष पद की चुनावी प्रक्रिया में उन्होंने बाजी मार ली. निर्विरोध रूप से वह नगर परिषद के उपाध्यक्ष चुने गए. दूसरे पक्ष की ओर से एक प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरने को तैयार थे लेकिन उन्हें किसी का साथ ही नहीं मिला. तमाम चुनावी रणनीति में राष्ट्रीय दल के नेता और समर्थक फेल होते हुए नजर आए. नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनिल उरांव और उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर अली ने शहर के विकास को लेकर प्राथमिकताएं गिनाई. जिसमें सबसे पहले पेयजल की व्यवस्था, शहर को सीसीटीवी से लैस करने और अन्य मुद्दों को लेकर अपनी बातें कही है.

चास की उप महापौर बनीं पूजा तो फुसरो में उपाध्यक्ष के पद पर रेणु ने मारी बाजी

बोकारो में चास नगर निगम के निर्वाचित मेयर भोलू पासवान ने चास मेयर पद की शपथ ली. आज चास निगम कार्यालय में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें पिछले दिनों नगर निगम में हुए चुनाव और उस चुनाव में जीत दर्ज कर चुके मेयर और वार्ड पार्षदों का आज शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया. ये दूसरी दफा है जब भोलू पासवान दोबारा चास नगर निगम के चुनाव में जीत दर्ज कर मेयर का कुर्सी संभाल रहे है..

इस दौरान बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने मेयर भोलू पासवान को शपथ दिलाई. बोकारो के चास स्थित नगर निगम कार्यालय में शपथ ग्रहण समारोह हुआ. वहीं वार्ड पार्षदों को भी शपथ दिलाई गई. चास नगर निगम में है 35 वार्ड पार्षद के द्वारा उपमेयर का चुनाव किया जा रहा है जिसमें से अधिकतर महिला पार्षद है. ऐसे में उपमेयर का चुनाव के बाद मेयर के द्वारा शपथ दिलाई गयी.

इस दौरान मेयर भोलू पासवान ने कहा कि जनता ने जो विश्वास हमपर जताया है उसपर खरा उतरने का काम करूंगा. उन्होंने कहा कि चास में पानी, बिजली और साफ सफाई मुख्य समस्या है जिसको त्वरित गति से काम किया जाएगा. चास में ट्रैफिक की भी समस्या है ऐसे में दिन में शहर में बड़ी गाड़ियों की नो एंट्री रहेगी. उन्होंने कहा कि कई साल चुनाव नहीं हुआ ऐसे में घपले घोटाले को लेकर भी जांच की जाएगी.

चास एसडीएम ने कहा की शांति पूर्ण चुनाव हो गया और आज सभी को शपथ दिलाया गया, उप महापौर का चुनाव हुआ जिसमे पूजा कुमारी और अमर स्वर्णकार चुनाव मे रहे जिसमें अमर को 14 वोट मिला और पूजा कुमारी को 19 वोट मिला दो वोट रिजेक्ट हो गया. पूजा कुमारी चास की उप महापौर बनीं जिनको महापौर भोलू पासवान ने शपथ दिलाया. वहीं उप महापौर पूजा कुमारी ने कहा कि चास का विकास होगा और हम लोग मिलकर चास का विकास करेंगे व समस्या का समाधान करेंगीं.

पार्षदों ने रेणु देवी को उपाध्यक्ष चुना

बोकारो जिला स्थित बेरमो के फुसरो नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में दो प्रत्याशी रेणु देवी और रश्मि सिंह मैदान में थीं. चुनाव में पार्षदों ने रेणु देवी के पक्ष में मतदान किया. मतगणना के बाद रेणु देवी को कुल 14 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंदी रश्मि सिंह को 13 वोट प्राप्त हुए. इस तरह रेणु देवी ने 1 वोट से जीत हासिल करते हुए उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया. परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जगह-जगह मिठाइयां बांटी गईं और जश्न का माहौल देखने को मिला. रेणु देवी ने अपनी जीत का श्रेय पार्षदों के विश्वास और समर्थन को देते हुए कहा कि वे नगर परिषद क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी और सभी को साथ लेकर चलेंगीं.

रामगढ़ में नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों और अध्यक्ष का शपथ ग्रहण

रामगढ़ जिला समाहरणालय परिसर में नवनिर्वाचित नगर परिषद के वार्ड पार्षदों और अध्यक्ष का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया. इसी दौरान उपाध्यक्ष पद के लिए भी चुनाव संपन्न कराया गया, जो पूरी तरह हाईटेक और हाई वोल्टेज अंदाज में देखने को मिला. उपाध्यक्ष पद के लिए शुरुआत में तीन उम्मीदवारों ने नामांकन किया लेकिन बाद में एक प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया. इसके बाद मुकाबला सीधा वार्ड संख्या 17 के पार्षद रणधीर कुमार और वार्ड संख्या 24 की पार्षद प्रतिभा शरण के बीच सिमट गया. हालांकि यह पूरा चुनाव दलीय आधारित नहीं था लेकिन फिर भी विभिन्न दलों ने अपना समर्थित उम्मीदवार बताया था.

जिला निर्वाचन पदाधिकारी फैज अक अहमद मुमताज की देखरेख में पारदर्शी तरीके से चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई गई. जिसमें कुल 32 वार्ड पार्षदों ने हिस्सा लिया. मतदान के बाद रणधीर कुमार गुप्ता को 17 मत मिले, जबकि प्रतिभा शरण को 15 मत प्राप्त हुए. इस तरह कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी रणधीर कुमार ने करीबी मुकाबले में जीत दर्ज करते हुए उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया.

विधायक ममता देवी हुईं भावुक

जैसे ही चुनाव परिणाम का घोषणा हुआ और विजयी प्रत्याशी स्मर्थित वार्ड पार्षद के साथ डीसी कार्यालय से बाहर निकले वैसे ही डीसी कार्यालय के बाहर ही वार्ड पार्षदों के आगे घुटनों पर बैठ कांग्रेस विधायक ममता देवी काफी भावुक हो गई और रोने लगीं. इसके बाद वार्ड पार्षदों ने उन्हें सहारा दिया इस दौरान समाहरणालय परिसर का माहौल भावुक हो गया.

चुनाव से पहले पूरा माहौल सियासी रूप से गरमाया हुआ था. एक ओर कांग्रेस समर्थित खेमे की मजबूत गोलबंदी थीं तो दूसरी ओर एनडीए गठजोड़ ने प्रतिभा शरण के समर्थन में पूरी ताकत झोंक दी थी. ये मुकाबला दो ध्रुवों में बंट चुका था और दोनों पक्ष अपने-अपने आंकड़ों के आधार पर जीत का दावा कर रहे थे.

परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई. समर्थकों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी. नव निर्वाचित उपाध्यक्ष रणधीर कुमार गुप्ता ने कहा कि वे नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देंगे और सभी वार्ड पार्षदों के सहयोग से जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे. कुल मिलाकर, यह चुनाव केवल उपाध्यक्ष पद का नहीं बल्कि नगर परिषद में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई बन गया था, जिसका अंत मतगणना के साथ हो गया. विधायक ममता देवी ने नगर परिषद क्षेत्र के मतदाताओं पर आभार जताया और वार्ड पार्षदों पर भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को उपाध्यक्ष पद पर जीतने के लिए सभी को धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में जो भी विकास कार्य हैं वह तेजी से होगा.

उपाध्यक्ष पद के लिए वोटिंग के बाद विजेता उपसमाहर्ता सह चुनाव पदाधिकारी गीतांजलि कुमारी ने घोषणा करते हुए रणधीर कुमार को विजय घोषित किया. उन्होंने कहा कि तीन प्रत्याशी उपाध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेशन किए थे. जिसमें अरुण कुशवाहा रणधीर गुप्ता और प्रतिभा शरण द्वारा नामांकन किया गया था. जिसके बाद अरुण कुशवाहा ने अपना नामांकन वापस ले लिया प्रतिभाशरण और रणधीर गुप्ता के बीच वोटिंग में रणधीर गुप्ता को 17 मत मिले और प्रतिभाशरण को 15 मत प्राप्त हुए जिसमें रणधीर कुमार को विजय घोषित किया गया है. उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे रामगढ़ एसपी अजय कुमार खुद मॉनिटरिंग कर रहे थे.

बता दें कि सुबह कांग्रेस ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई. विधायक ममता देवी खुद 17 वार्ड पार्षदों को एक साथ बस में लेकर समाहरणालय पहुंचीं थी. बस के साथ चल रहा गाड़ियों का लंबा काफिला किसी सुरक्षा घेरे जैसा प्रतीत हो रहा था, जिससे साफ था कि किसी भी तरह की टूट-फूट या क्रॉस वोटिंग से बचना चाहती है. वहीं आजसू और भाजपा ने भी अपने समर्थित पार्षदों के साथ डीसी ऑफिस परिसर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. हालांकि पूरा चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराया गया.

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