हजारीबागः झारखंड की प्रसिद्ध 100 वर्ष से भी अधिक पुराने रामनवमी पर्व को लेकर हजारीबाग जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गई है. मंगला जुलूस के पहले ही हजारीबाग पुलिस ने अपनी तैयारी की झलक शहर वासियों को दिखा दिया है. इससे पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति कानून तोड़ेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
हजारीबाग की रामनवमी बेहद खास है 36 घंटे तक जुलूस सड़कों पर रहता है. रामनवमी के पहले होली के बाद पहले मंगलवार से ही मंगला जुलूस निकाला जाता है. मंगला जुलूस के पहले ही हजारीबाग पुलिस ने अपनी तैयारी की झलक शहरवासियों को दिखा दिया है.
जिला प्रशासन सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किया है. कोई भी व्यक्ति कानून तोड़ेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. शहर के कोल टैक्स चौक पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया. इस दौरान दंगा, उपद्रव और भीड़ नियंत्रण की स्थिति में पुलिस किस तरह कार्रवाई करती है, इसका पूरा प्रदर्शन कर लोगों को दिखाया गया.
मॉक ड्रिल में पुलिस बल ने वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले, लाठीचार्ज और जरूरत पड़ने पर फायरिंग जैसी कार्रवाई की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया. इस अभ्यास के माध्यम से साफ संदेश दिया गया कि किसी भी तरह की अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा.

हजारीबाग के सदर एसडीओ आदित्य पांडे ने कहा कि कल मंगलवार से रामनवमी के मंगल जुलूस के साथ पर्व की शुरुआत हो रही है. जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि त्योहार को परंपरागत और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और किसी भी अफवाह या उकसावे से दूर रहें.

एसडीओ आदित्य पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार आने वाले सभी पर्व-त्योहारों में चलंत डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. अगर कोई क्लब, समिति या व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी. त्योहार मनाने की आजादी सभी को है, लेकिन कानून और परंपरा के दायरे में रहकर ही पर्व मनाना चाहिए.


