दुमकाः सीपीआईएम नेत्री बृंदा करात ने ईरान के साथ इजरायल-अमेरिका युद्ध में पीएम मोदी की भूमिका पर खेद जताया है. झारखंड की उपराजधानी दुमका के परिसदन में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने अपने संप्रभुता को सरेंडर करने का काम किया है. यह हमारे लिए बेहद खेदजनक, चिंताजनक और दुखद है.
बृंदा करात ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी के द्वारा यह बोला जाना कि हमने इजाजत दे दी है कि भारत एक माह तक रूस से तेल ले सकता है यह क्या दर्शाता है. उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार में क्या हो रहा है. आज हम अमेरिका के सामने घुटने टेक रहे हैं. बृंदा करात ने कहा कि पूरे मामले पर भारत के प्रधानमंत्री का जो स्टैंड है उससे यह साफ है कि पीएम ट्रंप के सुर में सुर मिला रहे हैं और ट्रंप द्वारा बनाई गई नीतियों और सिद्धांतों पर सहमति जता रहे हैं. पीएम मोदी ने भारत की संप्रभुता को ताक पर रख दिया है.
“पाकुड़ में कोल कंपनी लोगों का कर रही शोषण”
सीपीआईएम नेत्री बृंदा करात ने कहा कि संथाल परगना के पाकुड़ में पचुवाड़ा कोयला खदान कंपनी के द्वारा स्थानीय नागरिकों, आदिवासियों और दलितों का शोषण किया जा रहा है. उनके जो वाहन चल रहे हैं उसकी चपेट में आकर लगातार लोगों की मौत हो रही है, पर कंपनी को सिर्फ अपने मुनाफे से मतलब है. अपने आगे के कार्यक्रम पर बृंदा करात में कहा कि आगामी 24 मार्च को दिल्ली में एक जनाक्रोश रैली निकाली जाएगी. इसके लिए पूरे देशभर के लोगों को एकजुट किया जा रहा है.
अलग-अलग राज्यों में जनजागरण रैली निकाली जा रही है. इसी कड़ी में कल से दो दिन रविवार और सोमवार को दुमका से पाकुड़ तक सीपीआईएम के नेता कई गांव में जाकर लोगों को मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट करेंगे. बृंदा करात ने कहा कि हमारी दुमका-पाकुड़ की यात्रा में राष्ट्रीय मुद्दों के अलावा यहां की कोल कंपनी के द्वारा किए जा रहे शोषण का मुद्दा भी शामिल रहेगा.
मनरेगा का नाम बदलने पर केंद्र पर साधा निशाना
साथ ही उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना को बंद कर मोदी सरकार ने जो नई योजना लॉन्च की , उसका हम विरोध करते हैं. यह मनरेगा की मूल अवधारणा के विपरीत है. उन्होंने कहा कि इसका बुरा असर गरीबों और पलायन प्रभावित राज्यों पर पड़ेगा और रोजगार गारंटी की मूल भावना कमजोर होगी.


