धनबादः शहर की सरकार बनाने के इस अहम पड़ाव पर आज धनबाद की नजरें टिकी हैं. मतगणना स्थल पर नगर निकाय चुनाव के नतीजे आज तय करेंगे शहर की नई सरकार और आने वाले पांच साल की दिशा. धनबाद में आज नगर निकाय चुनाव की मतगणना को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. राजकीय पॉलिटेक्निक में मतों की गिनती शुरू हो चुकी है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
धनबाद नगर निगम के महापौर और 55 वार्ड पार्षदों के लिए 11 काउंटिंग हॉल में 117 टेबल लगाए गए हैं, जबकि चिरकुंडा नगर परिषद के अध्यक्ष और 21 वार्ड पार्षदों के लिए 4 हॉल में 24 टेबल पर मतगणना हैं हर टेबल पर एक काउंटिंग सुपरवाइजर और दो असिस्टेंट तैनात हैं. सबसे पहले धनबाद नगर निगम के वार्ड संख्या 1, 6, 11, 16, 21, 26, 31, 36, 41, 46 और 51 के मतों की गिनती की जा रही है, इसके बाद क्रमवार अन्य वार्डों की गणना होगी. महापौर और पार्षद पद की गिनती एक साथ चलेगी.
मतगणना को शांतिपूर्ण और सुचारू बनाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही मीडिया कर्मियों के लिए अलग से मीडिया कोषांग की व्यवस्था की गई है, परिणामों का त्वरित संकलन और प्रसारण किया जा रहा है. ट्रैफिक व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है. विनोद बिहारी महतो चौक से बेकारबाँध रूट पर आम वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद है. केवल अधिकृत पदाधिकारी, कर्मचारी, प्रत्याशी और उनके एजेंट ही प्रवेश कर सकेंगे। यह व्यवस्था सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक लागू रहेगी.
धनबाद नगर निगम चुनाव की मतगणना शुरू होने से पहले ही राजकीय पॉलिटेक्निक स्थित काउंटिंग सेंटर पर उस समय तनाव की स्थिति बन गई. जब विभिन्न प्रत्याशियों के चुनाव अभिकर्ताओं को सुरक्षाकर्मियों ने अंदर प्रवेश करने से रोक दिया. सुबह जैसे ही मतगणना की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, उसी दौरान गेट पर मौजूद अभिकर्ताओं को यह कहकर रोक दिया गया कि प्रति प्रत्याशी केवल एक ही अधिकृत आरओ को अंदर जाने की अनुमति होगी.
इस निर्णय के बाद माहौल गरमा गया और अभिकर्ता गेट पर ही नारेबाजी करने लगे. उन्होंने जिला प्रशासन पर अंतिम समय में नियमों में बदलाव करने का आरोप लगाया. अभिकर्ताओं का कहना था कि 11 काउंटिंग हॉल बनाए गए हैं और प्रत्येक हॉल में प्रत्याशी का एक-एक अभिकर्ता रहने की बात पहले कही गई थी. हंगामा कर रहे आरओ बबलू बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतगणना से ठीक पहले नियमों का हवाला देकर अभिकर्ताओं की संख्या सीमित कर दी गई, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और अभिकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया. इस बीच पूर्व विधायक सह मेयर प्रत्याशी संजीव सिंह ने प्रशासन से बातचीत की. वार्ता के बाद छह अभिकर्ताओं को अंदर जाने की अनुमति दी गई. फिलहाल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना की प्रक्रिया शुरू हुई है लेकिन शुरुआती विवाद ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है.


