Bihar TRE-4 Protest: बिहार में शिक्षक बहाली के चौथे चरण (TRE-4) को लेकर 16 फरवरी को पटना कॉलेज से विधानसभा तक शिक्षक अभ्यर्थियों का महाआंदोलन प्रस्तावित है। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में हजारों अभ्यर्थी सरकार पर TRE-4 की घोषणा न करने का आरोप लगा रहे हैं। BPSC कैलेंडर में TRE-4 का जिक्र न होने से बेचैनी बढ़ी है। अभ्यर्थियों ने 15 फरवरी तक घोषणा न होने पर निर्णायक मार्च की चेतावनी दी है।
पटना। बिहार में शिक्षक बहाली के चौथे चरण यानी TRE-4 को लेकर एक बार फिर सियासी और शैक्षणिक माहौल गरमाने वाला है। 16 फरवरी को पटना कॉलेज से बिहार विधानसभा तक शिक्षक अभ्यर्थियों का महाआंदोलन प्रस्तावित है। इस मार्च को छात्र नेता दिलीप कुमार लीड करेंगे और दावा है कि इसमें राज्यभर से हजारों अभ्यर्थी शामिल होंगे। सवाल साफ है—क्या सरकार अब कोई ठोस ऐलान करेगी या टकराव और तेज होगा?
पटना कॉलेज से विधानसभा तक क्यों मार्च?
आंदोलन की शुरुआत पटना कॉलेज से होगी, जो छात्र राजनीति का ऐतिहासिक केंद्र रहा है। आयोजकों का कहना है कि विधानसभा तक मार्च इसलिए चुना गया है ताकि सरकार तक सीधी और मजबूत आवाज पहुंचे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि TRE-4 को लेकर सरकार बार-बार सिर्फ आश्वासन देती रही, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं उतरा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूटा गुस्सा
आंदोलन से पहले बुधवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। हाथों में पोस्टर थे और जुबान पर सवाल। पोस्टरों में जदयू और एनडीए के पुराने वादों का हवाला दिया गया—1 लाख से 1.6 लाख शिक्षकों की बहाली, महिलाओं को 35% आरक्षण और TRE-4 की “जल्द” शुरुआत। अभ्यर्थियों का कहना है कि ये वादे अब सिर्फ पोस्टर तक सिमट गए हैं।
BPSC कैलेंडर ने बढ़ाई बेचैनी
छात्र नेता दिलीप कुमार ने सबसे बड़ा सवाल बीपीएससी कैलेंडर 2026 पर उठाया। उनका कहना है कि जब पूरे कैलेंडर में TRE-4 का जिक्र तक नहीं है, तो सरकार की मंशा पर शक होना लाजिमी है। अभ्यर्थियों को डर है कि कहीं इस साल भी बहाली टल न जाए।
15 फरवरी तक अल्टीमेटम
आंदोलन की तारीख सोच-समझकर तय की गई है। 15 फरवरी तक इंटर परीक्षा खत्म हो जाएगी और 17 फरवरी से मैट्रिक परीक्षा शुरू है। 16 फरवरी को बीच का दिन चुना गया है ताकि परीक्षार्थियों को नुकसान न हो। दिलीप कुमार ने साफ कहा है—अगर 15 फरवरी तक TRE-4 की घोषणा नहीं हुई, तो 16 फरवरी का मार्च निर्णायक होगा।
पुराने ट्वीट, नए सवाल
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 16 जुलाई 2025 के उस ट्वीट को भी याद दिलाया, जिसमें TRE-4 का विज्ञापन “जल्द” जारी होने की बात कही गई थी। महीनों बीत चुके हैं, लेकिन विज्ञापन नहीं आया। इससे पहले भी तीन बार आंदोलन हुए, मगर हर बार सिर्फ बातचीत और आश्वासन मिले।
‘इस बार आर-पार की लड़ाई’
शिक्षा मंत्री पर सीधे आरोप लगाते हुए दिलीप कुमार ने कहा कि जनवरी में किए गए वादे भी पूरे नहीं हुए। उनका साफ संदेश है, ‘अब आश्वासन नहीं, वैकेंसी चाहिए।. 16 फरवरी का मार्च सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि सरकार की परीक्षा माना जा रहा है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या इससे पहले सरकार कोई बड़ा फैसला लेती है या पटना की सड़कों पर गूंज और तेज होगी।


