उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण होगा, जिससे राज्य की औद्योगिक क्षमता मजबूत होगी और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेंगे। रक्षा मंत्रालय की टीम अध्ययन के लिए बिहार दौरे पर है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार देना है। गया में औद्योगिक कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर पार्क भी विकसित हो रहे हैं।
पटना। उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में डिफेंस कॉरिडोर (रक्षा गलियारा) का निर्माण कराया जाएगा। इससे न केवल राज्य की औद्योगिक क्षमता मजबूत होगी, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इस सिलसिले में रक्षा मंत्रालय की टीम बिहार के दौरे पर है।
सम्राट चौधरी ने बुधवार को अपने आवासीय कार्यालय में रक्षा मंत्रालय की ओर से अध्ययन दौरे पर आए एनडीए (राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी) के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों से मुलाकात भी की। इस दौरान बिहार में प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर की योजनाओं, संभावनाओं और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सार्थक और विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि यह बैठक बिहार के औद्योगिक और सामरिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण से बिहार रक्षा उत्पादन और तकनीकी क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाएगा।
दरअसल, डिफेंस कॉरिडोर ऐसा विशेष क्षेत्र या शहरों का समूह होता है, जहां सेना एवं सुरक्षा बलों के लिए जरूरी हथियार, उपकरण आदि बनाए जाते हैं। इसमें सरकारी और निजी दोनों तरह की कंपनियां उत्पादन से जुड़ी होती हैं।
सम्राट ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पिछले पांच वर्षों में राज्य में 50 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया गया है। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित है। सरकार की प्राथमिकता है कि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े उन्हें अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिलें। इसी उद्देश्य से उद्योगों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गया जिले के डोभी क्षेत्र में लगभग एक विशाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले समय में राज्य के विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके साथ-साथ राज्य में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क की स्थापना और भागलपुर सहित अन्य स्थानों पर नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास भी किया जा रहा है।


