बिहार में राजस्व सेवा संघ ने 2 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है. इसके जवाब में सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए हड़ताल पर गए अधिकारियों से गाड़ी, डोंगल और सरकारी चाबियां वापस लेने का आदेश दिया है.
बिहार में राजस्व सेवा संघ के कर्मियों के हड़ताल के कारण जमीन और राजस्व से जुड़े काम प्रभावित होने की आशंका थी. इसे देखते हुए बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं. सरकार ने कहा है कि हड़ताल के बावजूद आम लोगों के काम किसी भी हाल में नहीं रुकने चाहिए. सभी अंचल कार्यालय खुले रहेंगे और पहले से तय जनता दरबार भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे. जमीन से जुड़े काम जैसे दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि सर्वे और अन्य जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी.
सरकार ने आदेश में क्या कहा
सरकारी आदेश में यह भी कहा गया है कि जो अधिकारी या कर्मचारी हड़ताल के कारण ड्यूटी पर नहीं आएंगे, उन पर नो वर्क, नो पे का नियम लागू होगा. यानी जो काम नहीं करेगा, उसे वेतन नहीं मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे कामकाज प्रभावित होने से बचाया जा सकेगा.
सरकार ने यह भी बताया कि इस समय विधानसभा सत्र चल रहा है और कई अहम सरकारी योजनाएं भी जारी हैं. ऐसे में अंचल कार्यालयों का बंद रहना सही नहीं है. इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.
डीएम को दिया गया विशेष अधिकार
BDO, RDO और DCLR को कहा गया है कि वे अपने-अपने इलाकों में राजस्व कार्यों की निगरानी करें. जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी खुद अंचल कार्यालयों में जाकर काम देख सकते हैं. अगर किसी जिले में कर्मचारियों की कमी होती है, तो डीएम को टेम्पररी व्यवस्था करने का अधिकार दिया गया है.
सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि हड़ताल के नाम पर जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए. जमीन और राजस्व से जुड़े काम लोगों के लिए बहुत जरूरी होते हैं, इसलिए इनमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.


