Thursday, September 17, 2026

केंद्र की नई योजना वीबी-जी राम जी के लिए 95 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया है.

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नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने नई योजना ‘वीबी-जी राम जी’ को लागू करने की तैयारी किए जाने के साथ ही इसके लिए 95,692.31 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. दूसरी तरफ मनरेगा के लिए 30,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

बता दें कि ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम जी) योजना के अंतर्गत साल में 125 दिनों के काम का वादा किया गया है. यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 के तहत बनी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल की दो दशक पुरानी ग्रामीण रोजगार योजना की जगह लेगी.

इस बारे में ग्रामीण विकास मंत्रालय के अफसरों ने बताया कि मनरेगा योजना तब तक जारी रहेगी, जब तक ‘वीबी-जी राम जी’ पूरी तरह से अमल में नहीं आ जाती और इसके तहत लंबित कार्यों को परा नहीं कर दिया जाता है.

बजट दस्तावेजों के मुताबिक, मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के लिए कुल 1,94,368.81 करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया है. यह पिछले साल के 1,86,995.61 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से थोड़ा ज्यादा है.

वर्ष 2026-27 के लिए भूमि संसाधन विभाग को 2,654.33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. वर्ष 2025-26 में इस विभाग के लिए 2,651 करोड़ रुपये का आवंटन था, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक वास्तविक खर्च 1,757.4 करोड़ रुपये रहा.

इसके अलावा वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों के मुताबिक, मनरेगा कार्यक्रम पर कुल खर्च 88,000 करोड़ रुपये रहा, जबकि शुरुआत में इसके लिए 86,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी.

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के लिए वर्ष 2026-27 का आवंटन 19,000 करोड़ रुपये रखा गया है, जो 2025-26 के बराबर ही है. हालांकि, संशोधित अनुमान के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में इस पर खर्च 11,000 करोड़ रुपये हुआ था.

वहीं दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2026-27 का आवंटन बढ़ाकर 19,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है. पिछले साल यह राशि 19,005 करोड़ रुपये थी, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक 16,000 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.

साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लिए इस साल 54,916.70 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं. जबकि पिछले बजट में यह राशि 54,832.00 करोड़ रुपये थी और संशोधित अनुमान में खर्च 32,500.01 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.

संशोधित अनुमान (RE) वास्तविक खर्च के रुझानों के आधार पर सरकार के व्यय का अद्यतन या ताजा अनुमान होता है.

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