इस गणतंत्र दिवस पर बिहार की महिला सशक्तिकरण की अनूठी झलक दिखेगी। पहली बार बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की पिंक बस झांकी में शामिल होगी, जिसे अनुसूचित जाति समुदाय की एक बेटी चलाएगी। यह आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता का संदेश देगी। झांकी की तैयारी पटना में चल रही है, जहां चालक को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह झांकी महिला सुरक्षा, सम्मान और समावेशी विकास को दर्शाएगी।
पटना। इस वर्ष 26 जनवरी को आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की झांकी में बिहार की महिला सशक्तिकरण की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। पहली बार बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की पिंक बस को झांकी में शामिल किया जा रहा है।
खास बात यह है कि इस पिंक बस की स्टीयरिंग अनुसूचित जाति समुदाय की एक बेटी के हाथों में होगी, जो आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता का मजबूत संदेश देगी।
झांकी की तैयारी को लेकर इन दिनों बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के पटना स्थित कार्यालय परिसर में नियमित रूप से अभ्यास किया जा रहा है। चयनित चालक को झांकी के दौरान बस संचालन, गति नियंत्रण और निर्धारित मार्ग पर अनुशासित ढंग से चलने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार गणतंत्र दिवस पर पिंक बस को विशेष रूप से सजाया जाएगा, ताकि महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश प्रभावी रूप से देशभर तक पहुंचे। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल वर्मा ने बताया कि गांधी मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस की समारोह के दौरान झांकी में इस बार पिंक बस की भी झांकी प्रदर्शित की जाएगी।
गौरतलब है कि बिहार में वर्तमान में कुल 100 पिंक बसें संचालित हो रही हैं, जो विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षित यात्रा के उद्देश्य से चलाई जा रही हैं। इन बसों में महिला कंडक्टरों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा से जुड़े अन्य इंतजाम किए गए हैं। पिंक बस सेवा को महिलाओं से लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
गणतंत्र दिवस की झांकी में पिंक बस की भागीदारी न केवल परिवहन व्यवस्था की उपलब्धि को दर्शाएगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि बिहार में सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। यह झांकी राज्य की प्रगतिशील सोच और समावेशी विकास की पहचान बनेगी।


