Sunday, May 3, 2026

बांका जिले के 840 नियोजित शिक्षक अभी तक विशिष्ट शिक्षक नहीं बन पाए हैं, जिससे उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा और एनपीएस लाभ नहीं मिल रहा।

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बांका जिले के 840 नियोजित शिक्षक अभी तक विशिष्ट शिक्षक नहीं बन पाए हैं, जिससे उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा और एनपीएस लाभ नहीं मिल रहा। सक्षमता-5 परीक्षा उनके लिए अंतिम अवसर है, जिसके फॉर्म भरे जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने भी सभी बचे शिक्षकों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। विशिष्ट शिक्षक बनने पर उन्हें वेतन संरक्षण और सेवा निरंतरता का लाभ मिलेगा

बांका। जिले के 840 नियोजित शिक्षक अब तक विशिष्ट शिक्षक नहीं बन सके हैं। यानी उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिला है। ना ही उन्हें एनपीएस की कटौती का ही लाभ मिल रहा है। हालांकि, इसमें 250 शिक्षक सक्षमता-तीन और समक्षता-चार की परीक्षा पासकर विशिष्ट शिक्षक बनने की कतार में हैं, लेकिन उन्हें अभी विद्यालयों में विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान नहीं कराया गया है।

यानी अब नियोजित शिक्षक के रूप में बचे करीब छह सौ शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक बनने के लिए पांचवीं सक्षमता में शामिल होकर विशिष्ट शिक्षक बनने का अंतिम अवसर है। इसका फॉर्म अभी भरा जा रहा है। इसके बावजूद नियोजित बचे कई शिक्षक परीक्षा में बैठने को तैयार नहीं है, जबकि पिछले साल भर में पांच हजार से अधिक नियोजित शिक्षक सक्षमता-1 और समक्षता-2 की परीक्षा देकर विशिष्ट शिक्षक बन चुके हैं।

इसके अलावा चार सौ से अधिक नियोजित शिक्षक परीक्षा देकर बीपीएससी शिक्षक बन चुके हैं। सरकार की तरफ से उपमुख्यमंत्री ने भी दो दिन पूर्व बचे सभी नियोजित शिक्षकों को सक्षमता-5 की परीक्षा में बैठने में अनुरोध कर चुके हैं। इसके बावजूद अंतिम सक्षमता परीक्षा में उनके नहीं बैठने को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।

मालूम हो कि पहली सक्षमता परीक्षा का फॉर्म भरने के दौरान ही जिला में 21 फर्जी शिक्षकों को पकड़ा गया था। उसके पकड़ में आते ही सभी विद्यालय छोड़कर फरार हो गए हैं। विभाग ने पत्र जारी कर उनके विद्यालय में प्रवेश पर भी रोक लगा दिया है। बचे नियोजित शिक्षकों में 797 प्रारंभिक शिक्षक हैं।

इसके अलावा माध्यमिक नियोजित शिक्षकों की संख्या इस महीने तक केवल 43 है। इसमें 42 जिला परिषद क्षेत्र के हाईस्कूलों में और एक अमरपुर नगर पंचायत क्षेत्र के हाईस्कूल में है। इसमें दो दर्जन से अधिक सक्षमता तीन या चार पास कर चुके हैं। यानी हाईस्कूलों में अब गिनती के ही नियोजित शिक्षक बचे हैं। मालूम हो कि नियोजित शिक्षकों के विशिष्ट बनने पर अब उन्हें वेतन संरक्षण का लाभ देने के साथ ही सेवा निरंतरता का भी लाभ दिया गया है।

विशिष्ट शिक्षकों के संबंध में महत्वपूर्ण बातें-

  • नियोजित से विशिष्ट बने शिक्षक-5100
  • नियोजित बचे प्रारंभिक शिक्षक 797
  • नियोजित बचे माध्यमिक शिक्षक-43
  • नगर परिषद में नियोजित बचे माध्यमिक शिक्षक-एक
  • जिला परिषद में नियोजित बचे माध्यमिक शिक्षक-42
  • सक्षमता-1 में विशिष्ट बने नियोजित माध्यमिक शिक्षक-560
  • सक्षमता-2 में विशिष्ट बने नियोजित माध्यमिक शिक्षक-21

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