हिजाब विवाद का आज ‘फाइनल डे’! 23 दिन से गायब डॉ. नुसरत परवीन, नौकरी बचेगी या खत्म होगा अध्याय?
बिहार के चर्चित हिजाब कांड में आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन की सरकारी नौकरी बचाने का आज अंतिम दिन है। 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मंच पर हिजाब हटाए जाने के बाद से नुसरत 23 दिनों से लापता हैं। आज 7 जनवरी को जॉइनिंग की आखिरी समयसीमा है, लेकिन उन्होंने रिपोर्ट नहीं की। यह मामला अब सम्मान, सियासत और सिस्टम के टकराव का प्रतीक बन गया है। अगर नुसरत आज शाम तक जॉइन नहीं करतीं, तो उनकी नियुक्ति रद्द हो सकती है।
पटना। बिहार के चर्चित हिजाब कांड का आज निर्णायक दिन है। आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन के पास सरकारी नौकरी बचाने का आज अंतिम मौका है। 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मंच पर हिजाब हटाए जाने की घटना के बाद सुर्खियों में आईं नुसरत पिछले 23 दिनों से लापता हैं। आज 7 जनवरी को उनकी जॉइनिंग की आखिरी समयसीमा खत्म हो रही है, लेकिन अब तक न तो वे सामने आई हैं और न ही सिविल सर्जन कार्यालय में रिपोर्ट की है।
यह मामला अब सिर्फ एक नियुक्ति का नहीं, बल्कि सम्मान, सियासत और सिस्टम के टकराव का प्रतीक बन चुका है। बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है
15 दिसंबर से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, 15 दिसंबर को पटना में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत को पास बुलाया था। बातचीत के दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा, ‘ये क्या है जी?’ और जवाब से पहले ही उनके हिजाब को अपने हाथ से हटा दिया। मंच पर मौजूद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक नुसरत सार्वजनिक रूप से असहज हो चुकी थीं। उसी दिन से यह मामला तूल पकड़ता चला गया।
23 दिन से गायब, घर पर ताला
घटना के बाद से नुसरत न तो अपने कॉलेज में नजर आईं और न ही घर पर। उनके घर पर ताला लटका है और परिजनों ने भी चुप्पी साध रखी है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले जॉइनिंग की तारीख 20 दिसंबर तय की थी, जिसे बढ़ाकर 31 दिसंबर और फिर 7 जनवरी किया गया। बावजूद इसके नुसरत ने अब तक जॉइनिंग नहीं की।
झारखंड की एंट्री से सियासी आग
इस बीच झारखंड सरकार के एक बड़े ऑफर ने मामले को और गर्म कर दिया। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने नुसरत को 3 लाख रुपये मासिक वेतन, मनचाही पोस्टिंग और सरकारी फ्लैट का प्रस्ताव दिया। उन्होंने इसे महिला सम्मान से जोड़ते हुए बिहार सरकार और नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला। तुलना करते हुए कहा गया कि बिहार में जहां नुसरत को करीब 32 हजार रुपये मिलते, वहीं झारखंड उन्हें सम्मान और बेहतर अवसर देगा।
अब सबकी नजरें आज पर
स्वास्थ्य विभाग के नियम साफ हैं, तय समयसीमा और विस्तार के बाद भी जॉइनिंग नहीं होने पर नियुक्ति रद्द मानी जाती है। ऐसे में आज शाम तक का वक्त निर्णायक है। अगर नुसरत नहीं पहुंचतीं, तो उनकी जगह वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवार को मौका मिल सकता है।


