नए साल में बिहार में 17 नए केंद्रीय विद्यालय खुलने जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इन विद्यालयों के खुलने से राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में विकास होगा और छात्रों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।
नये साल में राज्य में 17 केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे। इन केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की स्वीकृति मिल चुकी है। अब इसके लिए सरकार के स्तर से भूमि की उपलब्धता की सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अपना भवन बनने तक ये केंद्रीय विद्यालय अस्थायी रूप से चलेंगे। इसके लिए भवन चिह्नित कर लिए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने संबंधित जिलाधिकारियों को दिया निर्देश
केंद्र सरकार ने जिन जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति दी है, उनमें पटना, गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, अरवल, मधुबनी, कैमूर, मधेपुरा, शेखपुरा, भोजपुर, भागलपुर, नालंदा, मुंगेर और दरभंगा जिले शामिल हैं। इन जिलों के जिलाधिकारियों को केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिया गया है।
निर्देश में शिक्षा विभाग ने कहा है कि स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय के अस्थायी संचालन हेतु चिह्नित भवन के लिए बुनियादी आवश्यकता यथा- बिजली, पेयजल, पहुंच पथ आदि में अगर किसी प्रकार की कमी परिलक्षित हो रही है, तो इसकी पूर्ति करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारियों से यह भी कहा गया है कि सभी नये केंद्रीय विद्यालयों के स्थायी भवन व परिसर के लिए भूमि चिह्नित कर नियमानुसार प्रस्ताव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को प्रेषित करते हुए उसकी एक प्रति शिक्षा विभाग को भी उपलब्ध कराएं।
नए विद्यालय खुलने से राज्य के सभी 38 जिलों में केंद्रीय विद्यालय हो जाएंगे। अबतक 33 जिलों मे कुल 53 केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत थे। अब इनकी संख्या 70 हो जाएगी।


