Sunday, May 3, 2026

डाक विभाग ने Franchise Scheme 2.0 शुरू की है, जो लोगों को डाक सेवाओं के माध्यम से कमाई करने का अवसर प्रदान करती है।

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डाक विभाग ने Franchise Scheme 2.0 शुरू की है, जो लोगों को डाक सेवाओं के माध्यम से कमाई करने का अवसर प्रदान करती है। यह योजना उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो कम निवेश के साथ अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। इस योजना के तहत, कोई भी व्यक्ति डाक विभाग की फ्रेंचाइजी लेकर विभिन्न सेवाएं प्रदान कर सकता है और अपनी आय बढ़ा सकता है। यह योजना बिहार के पटना शहर में भी उपलब्ध है।

पटना। New Franchise Scheme 2.0:  डाक विभाग द्वारा न्यू फ्रेंचाइजी स्कीम 2.0 के तहत कम निवेश में सुरक्षित एवं लाभकारी स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस योजना के माध्यम से बिहार राज्य के आम नागरिकों, युवाओं, छोटे दुकानदारों एवं नवोदित उद्यमियों को डाक फ्रेंचाइजी से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।

यह योजना शहरी, अर्ध-शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में डाक और पार्सल सेवाओं की पहुंच को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। 

योजना के अंतर्गत इच्छुक अभ्यर्थी इंडिया पोस्ट जैसे विश्वसनीय सरकारी ब्रांड से जुड़कर अपने क्षेत्र में डाक सेवाएं प्रदान कर सकते हैं और निर्धारित कमीशन के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर सकते हैं।

न्यू फ्रेंचाइजी स्कीम के तहत कम निवेश में काम शुरू किया जा सकता है तथा आकर्षक कमीशन संरचना प्रदान की जाती है। स्पीड पोस्ट, इंडिया पोस्ट पार्सल, अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं, पिक-अप एवं डिलीवरी सेवाएं तथा कैश आन डिलीवरी (COD) जैसी सेवाओं पर कमीशन का प्रावधान है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ 

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले फ्रेंचाइजी को 25 से 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। योजना के लिए आवेदनकर्ता का भारतीय नागरिक होना, आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण (केवल डिलीवरी कार्य हेतु 10वीं उत्तीर्ण) होना आवश्यक है।

कंप्यूटर/स्मार्टफोन के सामान्य ज्ञान एवं डिलीवरी कार्य के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है। इस योजना की विशेषता यह है कि सभी कार्य आधुनिक डिजिटल प्लेटफाॅर्म और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से संचालित किए जाते हैं।

डिजिटल वालेट से भुगतान, रियल-टाइम ट्रैकिंग तथा पारदर्शी लेखा प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध कमीशन भुगतान सुनिश्चित किया जाता है। फ्रेंचाइजी किसान, रेस्टोरेंट, मोबाइल या अन्य छोटी दुकानों सहित सीमित व्यावसायिक स्थानों से भी संचालित की जा सकती है। 

डाक विभाग द्वारा चयनित फ्रेंचाइजी को आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, ब्रांडिंग मार्गदर्शन एवं निरंतर विभागीय सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।

योजना से विशेष रूप से बिहार के ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। डाक विभाग की न्यू फ्रेंचाइजी स्कीम 2.0 आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया एवं स्टार्टअप इंडिया की भावना के अनुरूप बिहार के नागरिकों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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