Monday, May 4, 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तमिलनाडु के वेल्लोर में श्री नारायणी पीठम में स्थित श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर का दौरा किया और देवी महालक्ष्मी की पूजा की.

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में श्री नारायणी पीठम में स्थित श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की. राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 11:20 बजे तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से हेलीकॉप्टर से पहुंची और उनका स्वागत तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि, केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन और राज्य के हथकरघा और कपड़ा मंत्री आर गांधी सहित अन्य अधिकारियों ने किया.

हेलीपैड से राष्ट्रपति सड़क मार्ग से श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर गईं और मंदिर में देवी महालक्ष्मी की पूजा की. मंदिर के प्रशासक शक्ति अम्मा ने उन्हें मंदिर के इतिहास, आध्यात्मिक महत्व और वास्तुकला के बारे में बताया.

राष्ट्रपति मुर्मू ने श्री स्वर्ण महालक्ष्मी को समर्पित ध्यान कक्ष में ‘आरती’ में भी हिस्सा लिया और पूजा के दौरान फूल चढ़ाए. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करीब एक घंटे तक यहां रहीं, जिसके बाद वह हेलीपैड पर लौटीं और तिरुपति के लिए वापस उड़ान भरी.

राष्ट्रपति के दौरे के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसमें वेल्लोर शहर के अलग-अलग हिस्सों में 1,200 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे.

राष्ट्रपति भवन में एक्स पोस्ट में राष्ट्रपति मुर्मू के स्वर्ण मंदिर में पूजा-पाठ करने की तस्वीरें साझा कीं और लिखा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तमिलनाडु के वेल्लोर के श्रीपुरम में स्वर्ण मंदिर में दर्शन और आरती की. उन्होंने देवी लक्ष्मी से सभी के लिए शांति, समृद्धि और खुशी की प्रार्थना की.

1500 किलो सोना से बना है श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर
श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर को भारत का सबसे बड़ा सोने से बना मंदिर माना जाता है, जिसके निर्माण में लगभग 1,500 किलोग्राम सोना इस्तेमाल हुआ है, जो अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में इस्तेमाल हुए सोने से ज्यादा है. मंदिर के गर्भगृह तक 1.8 किलोमीटर लंबे तारे के आकार के रास्ते (श्री चक्र) से पहुंचा जा सकता है, जिसके बारे में भक्तों का मानना ​​है कि नंगे पैर चलने पर यह सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा पैदा करता है.

वेल्लोर शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर तिरुमलाइकोडी (Thirumalaikodi) में बना यह मंदिर 100 एकड़ के आध्यात्मिक परिसर में फैला हुआ है और इसे 2007 में श्री नारायणी पीठम के संस्थापक आध्यात्मिक गुरु श्री शक्ति अम्मा ने बनवाया था.

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