Monday, May 4, 2026

पटना उच्च न्यायालय ने बीपीएससी को श्निर्देश 4 सप्ताह के भीतर विशेषज्ञ समिति बनाकर अभ्यर्थी के योग्यता विवाद का निपटारा करे.

Share

पटना उच्च न्यायालय ने बीपीएससी को श्वेता सुमन की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर विशेषज्ञ समिति बनाकर अभ्यर्थी के योग्यता विवाद का निपटारा करे। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसकी पात्रता एक अन्य अभ्यर्थी के समान है। कोर्ट ने बीपीएससी को उचित लाभ उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया, यदि समिति याचिकाकर्ता का दावा सही पाती है।

पटना। पटना हाई कोर्ट ने श्वेता सुमन की याचिका पर सुनवाई करते हुए बीपीएससी को चार सप्ताह के भीतर अभ्यर्थी से जुड़े विवाद को विशेषज्ञ समिति के माध्यम से निर्धारित समय सीमा में निपटाने का निर्देश दिया है।

न्यायाधीश अजीत कुमार की एकलपीठ ने कहा कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए आयोग को ऐसे मामलों पर तत्काल ध्यान देना आवश्यक है।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसकी पात्रता उसी तरह है, जैसे एक अन्य अभ्यर्थी की, जिसे पहले विचार में लिया गया था। कोर्ट को बताया गया कि मामला बीएचयू के संस्कृत आनर्स के अभ्यर्थियों से संबंधित है।

कोर्ट ने प्राथमिक तौर पर इसे विचार योग्य मानते हुए मामले को बीपीएससी की विशेषज्ञ समिति को भेजने का आदेश दिया।

अदालत ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता 15 दिसंबर 2025 को दोपहर 12 बजे बीपीएससी सचिव के समक्ष उपस्थित हों। उनकी उपस्थिति के बाद सचिव संबंधित विषय के विशेषज्ञों की समिति गठित करेंगे, जो पहली बैठक के चार सप्ताह के भीतर विस्तृत और कारणयुक्त निर्णय देगी

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समिति याचिकाकर्ता का दावा सही पाती है, तो बीपीएससी को विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए उन्हें उचित लाभ उपलब्ध कराना होगा।

Read more

Local News