Monday, May 4, 2026

टैब से होगी फेस की पहचान – सरकारी स्कूलों में बच्चों की बनेगी ऑनलाइन हाजिरी

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अररिया के सरकारी स्कूलों में अब बच्चों और शिक्षकों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज होगी। शिक्षा विभाग ने डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत स्कूलों …और पढ़ें

 सरकारी विद्यालयों मेें अब बच्चों और शिक्षकों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज होगी। शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था लागू करने की शुरुआत कर दी है। इसके तहत सभी सरकारी विद्यालयों में बच्चों की संख्या के आधार पर दो से तीन टैबलेट भी उपलब्ध करा दिया गया है।

साथ ही, प्रधान सहित सभी सहायक शिक्षकों का जूम मीटिंग के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सिकटी नरेन्द्र कुमार झा ने बताया कि प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए एजेंसी द्वारा टैबलेट की आपूर्ति की गई है।

टैब में ई-शिक्षाकोष सहित विभाग के सभी जरूरी ऐप पहले से इंस्टॉल रहेंगे और इस डिवाइस में किसी भी तरह की छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है।

उन्होंने बताया कि टैबलेट के संचालन के लिए प्रधानाध्यापक, साथ ही तकनीक में रुचि रखने वाले एक शिक्षको को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे उपस्थिति दर्ज करने, रिपोर्ट जनरेट करने और ऐप संचालन को आसानी से समझ सकें।

जानकारी के अनुसार, दिसंबर महीने के अंतिम सप्ताह से शुरू होने जा रही इस व्यवस्था के तहत हर क्लास टीचर को रोज अपने वर्ग के बच्चों का सामूहिक फोटो खींचना होगा, जिसे ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली न केवल उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि मिड-डे मील में हो रहे फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगाएगी। खासतौर पर प्रारंभिक विद्यालयों में प्रतिदिन बच्चों की उपस्थिति और मिड-डे मील लाभार्थियों की संख्या का सटीक रिकार्ड अब फोटो के माध्यम से रहेगा।

प्रत्येक फोटो इस प्रकार ली जाएगी कि हर बच्चे का चेहरा साफ नजर आए और वर्ग की पूरी उपस्थिति दर्ज हो। एक टैबलेट का उपयोग बच्चों की उपस्थिति, मिड-डे मील और स्कूल गतिविधियों के लिए होगा, जबकि दूसरे टैबलेट से शिक्षक स्वयं अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेन्द्र कुमार झा का कहना है कि सभी सरकारी स्कूलों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली जल्द हीं लागू की जाएगी। शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा है। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और फर्जी उपस्थिति या मिड-डे मील की गलत रिपोर्टिंग पर पूरी तरह रोक लगेगी। सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे की वास्तविक उपस्थिति और सीखने की स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड बने।

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