
रांची: झारखंड में विपक्ष के तमाम वरिष्ठ नेता आरोप लगाते रहे हैं कि राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग का उद्योग चल रहा है. पैसे लेकर मनचाही पोस्टिंग की जाती है. इसका सीधा असर विधि व्यवस्था पर पड़ता है. हालांकि सत्ताधारी दल इन आरोपों को जुमला बताते रहे हैं. रांची के कोतवाली थाना में एक ऐसी ही शिकायत दर्ज हुई है, जिससे पूरे झारखंड में खलबली मची हुई है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार एक गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोगों का ग्रुप बनाकर राज्य के वरीय अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग और टेंडर मैनेज करने के नाम पर ठगी की कोशिश की जा रही है. इस मामले में रांची निवासी दो लोगों को थाना में बुलाकर पूछताछ की गई है. जांच का हवाला देते हुए पुलिस ने दावा किया है कि इस रैकेट में इन दोनों के अलावा रांची, जमशेदपुर से भी कई लोग शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक इस रैकेट से जुड़े लोग राज्य के वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को मनचाहे ट्रांसफर पोस्टिंग का आश्वासन दे रहे थे.
पुलिस को कई अधिकारियों के नाम का भी पता चला है, जो मनचाहे पोस्टिंग के लिए इस रैकेट के संपर्क में थे. फिलहाल पुलिस तमाम बिंदुओं को खंगाल रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूरे मामले को सीएमओ के स्तर पर देखा जा रहा है. संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में आने वाले दिनों में बड़े खुलासे हो सकते हैं.


