रांची: झारखंड में संगठित आपराधिक गिरोहों में एक से एक खतरनाक महिला सदस्य हैं, जो समय-समय पर चर्चा में आती रही हैं. लेकिन फिलहाल कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा चर्चा में है. गिरफ्तारी के बाद उसने जो खुलासे किए हैं वे बेहद चौकाने वाले हैं.
रिया सिन्हा झारखंड के क्राइम की दुनिया की लेडी डॉन एक बार फिर चर्चा में है. कुख्यात प्रिंस खान के साथ अपने गैंग के मर्जर के अलावा पाकिस्तान से हथियार मंगाने जैसी तमाम वारदातों में उसका प्रमुख हाथ था. इसी मामले में रिया सहित आधा दर्जन अपराधियों की गिरफ्तारी रांची पुलिस के द्वारा की गई है. पुलिस के सामने जो खुलासे हुए हैं, वह बेहद चौंकाने वाले हैं.
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के जेल जाने के बाद गैंग की कमान उसकी पत्नी रिया सिन्हा संभाल रही थी. पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गैंग की कमान संभालने के बाद रिया युवाओं को पैसो का लालच देकर उन्हें गैंग में शामिल करवाती थी. गैंग में बड़े पैमाने पर महिला मेंबरों की भी बहाली की गई थी. महिला मेंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान से पंजाब पहुंचे हथियारों को झारखंड पहुंचाने के लिए किया जाता था.
गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के इशारे पर रिया सिन्हा पंजाब के मोंगा से विदेशी हथियार झारखंड लाने के लिए लड़कियों का इस्तेमाल करती थी. पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर का करीबी रवि आनंद उर्फ सिंघा को हथियार लाने की जिम्मेवारी दी गई थी. पाकिस्तान से आए हथियार जब पंजाब पहुंच जाते थे, तब उन्हें रवि आनंद विशेष रूप से ट्रेंड किए गए लड़कियों को भेज कर उन्हें अलग-अलग माध्यमों से झारखंड मंगवा लेता था. हथियार की तस्करी के लिए लड़कियों को इस तरह से इस्तेमाल किया जाता था कि उन्हें कोई पहचान तक नहीं पाता था.
हथियार तस्करी के लिए अलग-अलग लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी जाती थी. टीम मेंबरों को इस तरह से तैयार किया गया था कि वह एक दूसरे के संपर्क में भी नहीं रहते थे, उनके बीच कोई कनेक्शन नहीं रहता था. सबकी जिम्मेदारी अलग-अलग थी. एक हथियार लाता था, दूसरा उसे सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाता था तो तीसरा उसे झारखंड लाता था. पाकिस्तान से गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और उसके गुर्गों ने 21 हथियार झारखंड मंगवाया है. जिसमें से 10 हथियार पुलिस ने बरामद कर लिया है. लेकिन 11 विदेशी हथियार को पुलिस अब तक बरामद नहीं कर सकी है. पुलिस की टीम उन हथियारों को बरामद करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
गिरफ्तारी के बाद रिया सिन्हा ने गैंग की लड़कियों को लेकर तो खुलासे किए ही हैं. साथ ही साथ यह भी बताया है कि वह कारोबारी को धमकाने के लिए उनके फोन नंबर कैसे हासिल करती थी. दरअसल, रिया नए चेहरों को पैसे का लालच देकर उन्हें अपने गैंग में जोड़ती थी. फिर उन युवाओं से कारोबारियों, ठेकेदारों और व्यवसायियों का मोबाइल नंबर और डिटेल मंगवाती थी, उस डिटेल को वह अपने गैंगस्टर पति और कुख्यात प्रिंस खान तक पहुंचाती थी.
रांची पुलिस ने रिया सिन्हा को गिरफ्तार कर हाल में ही जेल भेजा है. जेल भेजने से पहले उसने पूछताछ में कई अहम जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, उसने पुलिस को यह भी बताया कि गैंगस्टर सुजीत जेल से न सिर्फ कारोबारियों से खुद रंगदारी की मांग करता है बल्कि कुख्यात प्रिंस खान को भी वह डिटेल मुहैया कराकर रंगदारी मंगवाता था. रंगदारी के पैसे की वसूली रिया खुद और अपने गुर्गों के जरिए करवाती थी. अब पुलिस की टीम रिया द्वारा बताए गए युवाओं के बारे में भी जानकारी इकट्ठा कर रही है. आपको बता दें कि पुलिस 13 अक्तूबर को रिया सिन्हा, बबलू खान, मो शाहीद उर्फ अफरीदी खान, मो सेराज उर्फ मदन और रवि आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. इन अपराधियों के पास से पुलिस ने तीन पिस्टल, सात मैगजीन, 13 जिंदा गोली, कार व मोबाइल बरामद किया था.
जेल जाने से पहले रिया ने पुलिस को बताया कि जिन युवाओं को गैंग में शामिल किया गया है, उनसे डिटेल देने के एवज में रकम दिया जाता है. गैंग में शामिल युवा कारोबारियों व व्यवसायियों के प्रतिदिन घर से दफ्तर व अन्य जगह पर आने-जाने का समय भी मुहैया कराते हैं, यहां तक कि कारोबारियों के बारे में यह भी जानकारी दी जाती है कि वह कितनी देर अपने दफ्तर में रहते हैं और वहां से निकलते हैं. रिया ने पुलिस को बताया कि रकम देने का मकसद यह है कि युवा ज्यादा से ज्यादा कारोबारियों व व्यवसायियों का डिटेल निकाल कर लाएं.
रिया सिन्हा के पहले भी झारखंड के आपराधिक गिरोह में महिला सदस्यों के नाम आते रहे हैं. निशि पांडेय, पम्मी खान और प्रिया सिंह उर्फ चटनी ऐसी ही कुछ महिला अपराधी रही हैं. जिनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करती रही है.


