पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक पढ़े लिखे दंपत्ति को धार्मिक प्रभाव से गंभीर बीमारी ठीक करने का दावा कर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. ठगों ने धन, दौलत सारी संपत्ति ठग ने ऐंठ लिया. बाद में जब बीमारी ठीक नहीं हुई तो फिर दंपत्ति को ठगी का एहसास हुआ.
इसकी शिकायत पुलिस से की. जालसाजों ने शंकर महाराज के दर्शन ने नाम पर पीड़ित परिवार को चूना लगाया. इस मामले में पीड़ित परिवार ने पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को पत्र लिखकर मामला दर्ज करने की मांग की है.
इस मामले में पीड़ित परिवार ने विदेश में अपना घर और खेत बेच दिया और गोल्ड लोन भी लिया. दंपति के वकील विजयसिंह थोम्ब्रे पाटिल ने बताया कि पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा है कि आर्थिक अपराध शाखा मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेगी.
क्या है मामला?
पीड़ित परिवार ने पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को इस संबंध में शिकायत की है. शिकायत में कहा गया कि पीड़ित परिवार में पति बड़ी आईटी कंपनी में काम करते हैं और पत्नी टीचर है. पति इंग्लैंड में काम करते थे और अपनी गाढ़ी कमाई से वहां एक घर भी खरीदा था. उनकी दो बेटियाँ बीमार हैं. एक बेटी गंभीर रूप से बीमार है. चूँकि यह दंपत्ति भजनों का शौकीन है, इसलिए वे कई जगहों पर कार्यक्रमों के लिए जाते हैं.
इसी तरह उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई. उसे जब दंपत्ति की बेटियों की बीमारी का पता चला तो उसने दंपत्ति को उनकी बेटियों की बीमारी ठीक करवाने का भरोसा दिया. इसी क्रम में उसने पीड़ित परिवार को दो अन्य महिलाओं से भी मिलवाया जिसने दावा किया कि वह उनके सारे काम पूरे करेंगे.
वह उनकी बेटियों की बीमारियाँ दूर करेंगे. यही नहीं उन्होंने कहा कि वे शंकर महाराज के भक्त हैं और उनपर शंकर महाराज आते हैं. उसने ऐसी भूमिका बनाई कि सच में उसके शरीर में शंकर महाराज प्रवेश कर चुके हैं.
दंपत्ति उनसे प्रभावित हो गए और उनके कहे अनुसार पैसे देने शुरू किए. बीमारी ठीक करने के नाम ठगों ने दंपत्ति से रुपए ऐंठने शुरू किए. इसी क्रम में दंपत्ति ने सारी संपत्ति बेच दी. लड़की के ठीक होने की उम्मीद में दंपत्ति ने विदेश में अपना घर भी बेच दिया और पैसे इस महिला को दे दिए.
अंध विश्वास में यह सिलसिला एक-दो साल तक चलता रहा. ऐसा करके उन्होंने उससे लगभग 14 करोड़ रुपये ठग लिए. दंपत्ति को जब एहसास हुआ कि उनकी बेटी ठीक नहीं हो रही है और पिछले 3 सालों से चल रही यह घटना एक तरह की धोखाधड़ी है, तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया है. इस मामले में पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को पत्र लिखा गया है और पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है.


