Thursday, May 7, 2026

पटना जिले की मसौढ़ी विधानसभा सीट पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है, यहां के 80 हजार युवा वोटर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के मतदान जारी है. इस चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर कुल 1314 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं. पटना जिले के मसौढ़ी विधानसभा क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 7:00 बजे मतदान शुरू हुआ. यहां मतदान को लेकर वोटर में भारी उत्साह दिखा. यहां के मतदाता काफी सजग दिखे. फर्स्ट टाइम वोटरों ने कहा कि जो प्रत्याशी रोजगार की बात करेगा, हम उसे ही अपना नेता चुनने जा रहे हैं.

मसौढ़ी निर्वाचन क्षेत्र में 80 हजार युवा वोटर हैं जो निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं. पूरे मसौढ़ी क्षेत्र में 443 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जहां 3,260 92 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. मसौढी विधानसभा क्षेत्र में तकरीबन 82678 युवा मतदाता हैं जो 18 वर्ष से लेकर 38 वर्ष के है.

मसौढ़ी निर्वाचन क्षेत्र में वोट करने के बाद फर्स्ट टाइम वोटर

युवा मतदातओं के मन की बात : मसौढ़ी में ईटीवी भारत ने पहली बार वोटिंग करने वाले युवक-युवतियों से बात की. यहां के युवा मतदाताओं के लिए रोजगार प्रमुख मुद्दा है. उन्होंने कहा कि जो युवाओं के लिए रोजगार की बात करेगा, हम उसे ही बिहार की सत्ता के लिए चुनने जा रहे हैं. उनका कहना है कि जो हमारे उज्जवल भविष्य के बारे में सोचेंगे, शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस करेंगे, हम उन्हें चुनने जा रहे हैं.

एक मतदाता ने कहा कि बिहार की नई सरकार से हमारी उम्मीद होगी कि वह शिक्षा क्षेत्र के लिए काम करेगी और राज्य में नए स्कूल और मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराएगी.

आरजेडी और जेडीयू में मुख्य मुकाबला : मसौढ़ी सीट पर आरजेडी की तरफ से रेखा देवी चुनाव मैदान में हैं. उनका मुकाबला जेडीयू उम्मीदवार अरुण मांझी से है. इस सीट पर मुख्य मुकाबला महागठबंधन की उम्मीदवार और निवर्तमान विधायक रेखा देवी और एनडीए के प्रत्याशी अरुण मांझी के बीच माना जा रहा है.

मसौढ़ी सीट का इतिहास : मसौढ़ी विधानसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आई थी. हालांकि, 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिशों के आधार पर इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया. इस सीट पर लंबे समय से आरजेडी और जेडीयू के बीच मुकाबला रहा है. 2010 में यह सीट जेडीयू ने 5,032 मतों के अंतर से जीती थी. हालांकि, जेडीयू ने 2015 में भाजपा का साथ छोड़कर राजद के साथ गठबंधन कर लिया था और यह सीट राजद को मिली थी. चुनाव में राजद ने 39,186 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की. 2020 के चुनाव में भी राजद ने यह सीट बरकरार रखी और जेडीयू उम्मीदवार को 32,227 मतों से हराया.

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