सूरत: गुजरात पुलिस ने सूरत में नकली घी बनाने वाली तीन अवैध फैक्ट्रियों और गोदामों पर छापा मारकर एक बड़े खाद्य मिलावट रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने छापेमारी में 67 लाख रुपये की मिलावटी घी और 1.20 करोड़ रुपये की मशीनरी जब्त की. अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जयेश रमेशचंद्र मैसूरिया, अंकित टेकचंद पंचीवाला, सुमित जयेश मैसूरिया और दिनेश तेजाजी गहलोत शामिल हैं. पुलिस जांच में पता चला है कि नकली घी बनाने का कच्चा माल आरोपियों ने भोपाल से लाया था. मुख्य आरोपी जयेश ने छह सेल्समैन और अंकित, सुमित और दिनेश ने दो-दो सेल्समैन रखे थे. ये 10 सेल्समैन बाजार में इस नकली घी बेच रहे थे. पुलिस इनकी तलाश कर रही है
एसओजी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटीवी भारत को बताया कि कई अवैध फैक्ट्रियां किराए के आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों में चल रही थीं, जिससे जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा था. उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी जयेश कोसाद सरदार नगर में डेयरी प्रोडक्ट्स का काम करता था. 50,000 रुपये प्रति माह किराया देता था. उसने स्टॉक रखने के लिए 25,000 रुपये में पास की एक दुकान भी किराए पर ली थी.
अधिकारी ने कहा कि इसी तरह, अंकित अमरोली के भरथना में प्रगति इकोपार्क में डेयरी प्रोडक्ट्स तैयार करता था. उसने 40,000 रुपये और कोसाद में तीन स्टॉक स्टोरेज दुकानों के लिए 63,000 रुपये का भुगतान करता था. सुमित और दिनेश मिलकर अमरोली में फैक्ट्री चलाता था. पुलिस ने इन सभी आरोपियों के संपर्क में आए लोगों की भी गहन जांच शुरू कर दी है.

कहां बेची जा रही थी नकली घीः
गिरफ्तार आरोपियों के पास से हिसाब-किताब की डायरियां मिली हैं, जिनसे नकली घी खरीदने वाले दुकानदारों और डेयरी वालों के नाम सामने आए हैं. यह नकली घी मुख्य रूप से सूरत के श्रमिक इलाकों में लगभग 110 दुकानदारों और डेयरी वालों को सप्लाई की जा रही थी. इतना ही नहीं, यह भी पता चला है कि इस नकली घी की बड़ी मात्रा महाराष्ट्र के नंदुरबार और धुलिया जैसे इलाकों में भी भेजी जा रही थी.


