Friday, July 3, 2026

BIHAR; जीविका निधि से 1.40 करोड़ महिलाओं को मिलेगा सस्ता कर्ज

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उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ की स्थापना से 1.40 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ होगा। जीविका निधि के माध्यम से महिलाओं को कम ब्याज दर पर ऋण मिलेगा जिससे उनका कारोबार बढ़ेगा। सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई कदम उठाए हैं जिसमें पंचायत चुनावों में 50% आरक्षण और सरकारी नौकरी में 35% आरक्षण शामिल है।

पटना। बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ की स्थापना 105 करोड़ रुपये की राशि से हुई है। इस आधार पर मंगलवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दावा किया कि इससे राज्य की 1.40 करोड़ से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ होगा। जीविका निधि से लघु एवं छोटे उद्योग से जुड़ी महिलाओं को कम ब्याज पर ऋण मिलेगा।

बिहार में 1.40 करोड़ महिलाएं जीविका समूह से जुड़कर कुटीर उद्योग चला रही हैं। उनका कारोबार लगभग 56 हजार करोड़ रुपये का है। उनकी उद्यमिता से राज्य के जीएसटी संग्रह में भी महत्वपूर्ण योगदान हो रहा है।

कारोबार को बढ़ाने के लिए उन्हें अब तक दूसरे वित्तीय संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था, जो ऊंची ब्याज दर पर ऋण देते थे। सरकार की पहल से अब उन्हें इससे मुक्ति मिल गई है।

सम्राट ने कहा कि जब महिलाएं मजबूत होंगी तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होगा। जीविका निधि के माध्यम से महिलाओं को सस्ता ऋण उपलब्ध कराना न केवल उनकी आर्थिक आजादी को सुनिश्चित करेगा, बल्कि उन्हें गांव-गांव में उद्यमिता और नेतृत्व की नई पहचान भी देगा।

महिलाओं के लिए निरंतर पहल:

महिलाओं के उत्थान के लिए एनडीए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। बिहार देश का पहला राज्य बना, जहां पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिला। पुलिस और शिक्षकों की भर्ती में भी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया। आज बिहार सर्वाधिक महिला पुलिस बल वाला राज्य है।

बिहार में महिला शिक्षकों की संख्या भी दो लाख से अधिक है। हाल ही में सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की योजना भी शुरू की है, ताकि वे स्वरोजगार से जुड़ सकें और अपनी आजीविका को मजबूत बना सकें।

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