फिजिकल एक्टिविटी और व्यायाम न करने या कम करने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. इन दिनों देश-दुनिया में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इन्हें नियंत्रित करने के लिए दवाओं और मेडिकल टेस्ट जैसे कई वैश्विक प्रयास किए जा रहे हैं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अपनी खराब जीवनशैली और सुबह की आदतों में कुछ बदलाव करके भी इन समस्याओं को कम कर सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह कुछ आदतों का पालन करने से दिन भर ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, और दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखा जा सकता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह खाली पेट की जाने वाली कुछ आसान आदतें रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने, ब्लड फ्लो में सुधार लाने और हार्ट हेल्थ को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं. ये आदतें न केवल बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, बल्कि आपको पूरे दिन ऊर्जावान और अच्छा महसूस कराती हैं. आइए जानते हैं क्या हैं ये आदतें…
- इन सुबह की आदतों को अपनी दिनचर्या में करें शामिल
सुबह पौष्टिक भोजन और पर्याप्त पानी पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है. ये शरीर से विषाक्त पदार्थों को प्राकृतिक रूप से बाहर निकालने में मदद करते हैं. डॉक्टर सलाह देते हैं कि इन आदतों को अपनाने के साथ-साथ काउंसलिंग और रेगुलर हेल्थ टेस्ट से दीर्घकालिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है. - ध्यान: सुबह ध्यान या गहरी सांस लेने के व्यायाम ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाले स्ट्रेस हार्मोन को कम करने में मदद करते हैं. ऐसा माना जाता है कि इससे तंत्रिका तंत्र शांत होता है, हार्ट सिस्टम में सुधार होता है और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है.
- चीनी और पैकेट वाले खाद्य पदार्थों से बचें: नाश्ते में ज्यादा चीनी और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी जाती है क्योंकि ये ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाते हैं. ऐसा कहा जाता है कि ये खाद्य पदार्थ इंसुलिन रेसिस्टेंट को बढ़ाते हैं. कई शोधों में यह पाया गया है कि इस समय पौष्टिक भोजन के साथ संतुलित नाश्ता करने से एनर्जी का लेवल स्थिर रहता है और हार्ट हेल्थ में योगदान होता है.
- सुबह की सैर या हल्का व्यायाम: सुबह की सैर या हल्का व्यायाम जैसी शारीरिक गतिविधियां ब्लड फ्लो में सुधार करती हैं और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती हैं. हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के रोगियों को सुबह व्यायाम की सलाह दी जाती है. एनसीबीआई पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि नियमित व्यायाम ट्राइग्लिसराइड्स, ब्लड प्रेशर और इंसुलिन प्रतिरोध को कम करता है.
- नींबू के रस के साथ गर्म पानी: सुबह खाली पेट नींबू के रस के साथ गर्म पानी पीने से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. नींबू में मौजूद विटामिन सी ब्लड प्रेशर को कम करने और ब्लड शुगर के स्तर को बेहतर बनाने में मदद करता है. ऐसा कहा जाता है कि यह आदत चयापचय को गति देती है और ओवरऑल हेल्थ में योगदान देती है. एनसीबीआई जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि नींबू का रस में पाए जाने वाला फ्लेवोनोइड्स ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है.
- भीगे हुए बादाम: रात भर भीगे हुए बादाम सुबह खाली पेट खाने से मैग्नीशियम सहित कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन के एक अध्ययन के अनुसार, इनमें मौजूद गुड फैट और फाइबर ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं.
आंवले का जूस: आंवले का जूस विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, और इसे खाली पेट पीने से ब्लड शुगर का स्तर कम होता है. यह इंसुलिन संवेदनशीलता में भी सुधार करता है, और आंवले के सूजन-रोधी गुण हृदय स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे होते हैं.
दालचीनी का पानी: खाली पेट इस पानी को पीने से इंसुलिन की कार्यप्रणाली में सुधार और ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद मिलती है. इसके सूजन-रोधी गुणों को समग्र स्वास्थ्य में योगदान देने वाला बताया गया है.


